NSG सदस्यता : अब भारत रूस के जरिए चीन पर बनाएगा दबाव

चीन और रूस की नजदीकी एक बार फिर झलकी है इसमें रूस चीन द्वारा आयोजित कार्यक्रम न्यू सिल्क रूट पर हुए शिखर सम्मेलन में शामिल हुआ है. भारत को पुराने दोस्त रूस से आपत्ति NCG में भारत की सदस्य्ता के आड़े आ रहे चीन से है. चीन रूस की नजदीकी भारत को इसीलिए ही खटक रही है, इसीलिए भारत अब रूस पर दबाव बनाकर NCG की सदस्य्ता के लिए चीन पर अपना दबाव बना सकें. हमेशा से दोस्त रहे रूस को भारत ने साफ कह दिया है कि अगर भारत को एनसीजी की सदस्यता नहीं मिल पाती है, तो वह परमाणु ऊर्जा विकास के अपने कार्यक्रम में विदेशी सहयोगी को कोई सहयोग नहीं देगा.

NCG परमाणु आपूर्तिकर्ता अड़तालिश देशों का एक समूह है जो परमाणु कार्यक्रमों के लिए नुक्लिएर सप्लाई करता है. इसका असर भारत के परमाणु रिएक्टर कुडनकुलम में रूस के साथ चल रही 5वीं और छठी रियेक्टर यूनिट को विकसित करने से जुड़े हुए समझौते पर पड़ सकता है. चीन और रूस की दोस्ती के कारण ही भारत को NCG की मेम्बरशिप नहीं मिल पा रही है. अगर भारत रूस पर दबाव बनाता है तो इसका असर चीन पर होगा और कूटनीतिक लाभ का फायदा भारत को फायदा हो सकता है.

हाल ही में भारत दौरे पर आये रूस के उपप्रधानमंत्री दिमत्री रोगोजिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने इस मुद्दे को उठाया था. लेकिन भारत की ओर से इस पर कोई ठोस जवाब नहीं मिला है. आपको बता दें दि अगले माह में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और नरेंद्र मोदी की मुलाकात होनी है. इसलिये रूस भी मोदी सरकार से रुख से परेशान है.

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