जानिए किडनी फेल होने के कारण, और कैसे बचें ?

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हमारे शरीर के रक्त को शोधित करने का काम करने वाली किडनी खून में से हानिकारक पदार्थो को मूत्र के माध्यम से अनावश्यक व जहरीले तत्व बहार कर देती है। हमारे शरीर में दो किडनियां होती हैं जिनका मुख्य काम ब्लड को फिल्टर करके टॉक्सिन्स को अलग करना होता है। ये टॉक्सिन्स बाद में यूरिन के जरिए बाहर निकल जाते हैं। जब किसी कारण से किडनियों की ब्लड फिल्टर करने और वेस्ट मटेरियल निकालने की क्षमता खत्म होने लगती है, तो उसे किडनी फेलियर कहा जाता है। किडनी फेलियर को ‘एंड स्टेज रीनल डिजीज’ (ESRD) भी कहा जाता है।

किडनी रोग के कारण
ज्यादा नामक खाने से किडनी पर लोड पड़ता है और किडनी फेल हो जाती है। बल्ड शुगर की मात्रा बढ़ने से भी किडनी फेल हो जाती है। स्ट्रेस, टेंशन के कारण पैदा होने वाले हार्मोंस किडनी के लिए खतरनाक है। शराब, स्मोकिंग, फ़ास्ट फ़ूड के कारण भी किडनी फेल हो जाती है।

किडनी रोग के लक्षण
हाथ पैर व आँखों के नीचे का भाग में सुजन आ जाती है। रोगी को भूख नहीं लगती है और शरीर में खून की कमी होने लगती है। शरीर में खुजली होना, बार बार मूत्र आना, कमजोरी महसूस होती है। शरीर पीला पड़ जाता है व उलटी होने के साथ जी मचलाता है। सांसे फूलने लगती है और हाजमा भी खराब रहता है।

किडनी रोग के उपाय
गहरे रंग के साग सब्जी खाने चाहिए उनमे मेगनीसियम अधिक होता है, जो किडनी के लिए बहूत फायदेमंद होता है। प्रोटीन, नमक, और सोडियम कम मात्र में खाए। नियमित व्यायाम करे, अपने वजन को बढ़ने न दे, खाना समय पर और जितनी भूख हो उतनी ही खाय, बहार का खाना ना ही खाए तो बेहतर है। मछली खाए इसमे ओमेगा 3 फैटी एसिड किडनी को बीमारी से रक्षा करता है। प्याज, स्ट्राबेरी, जामुन, लहसुन इत्यादी फायेदेमंद होते है ये मूत्र के संक्रमण से बचाते है तथा लहसुन में उपस्थित एंटी ओक्सिडेंट एवं एंटी क्लोटिंग तत्व दिल की रख्षा करता है और कोलेस्ट्रोल को कम करता है तथा किडनी के लिए फायदेमंद होता है।

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