आपके रोंगटे खड़े कर देंगे सजा देने के ये तरीके

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आज के समय में सजाए कैसे दी जाती है आप तो जानते ही है ना। किसी को जेल में बंद कर दिया जाता है, तो किसी को सूली पर चढ़ा दिया जाता। कुछ देशों में जहरीले इंजेक्शंस देने का नियम है। अगर हम पुराने समय में सजा देने के तरीकों की बात करें, तो उस दौर में क्रूरता की सारी हदें पार कर दी जाती थी। कहीं लोगों को जिंदा क्रूस पर चढ़ा दिया जाता था तो कहीं जीते-जी लोगों की चमड़ी उधेड़ दी जाती थी। आज हम आपको बताने जा रहे हैं उस समय सजा देने के 5 क्रूर और भयानक तरीकों के बारे में।

1. जिंदा इंसान की बॉडी में चूहे कर देते थे छेद – मध्यकाल में सजा देने के लिए सबसे क्रूर तरीकों में शामिल था ‘रैट टार्चर’। इसमें इंसान को रस्सी से बांधकर लिटा दिया जाता था। उसके बॉडी पर चूहों से भरा केज रख दिया जाता था। केज की दूसरी तरफ कुछ गर्म चीजें रखी जाती थी। गर्मी से बचने के लिए चूहा इंसान की बॉडी में बिल बनाना शुरू करता था। इसमें काफी देर तक इंसान होश में दर्द से छटपटाता रहता था।

2. जिन्दा क्रूस पर चढ़ाना – कुछ देशों में आज भी सजा देने के लिए इस तरीके का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें पीड़ित को लकड़ी के तख्ते पर कील के सहारे मारने तक लटकाकर रखा जाता था।

3. बॉडी में घुसाई जाती थी गर्म सलाखें – मध्यकाल में महिलाओं को सजा देने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले इस तरीके में गर्म रॉड को पीड़ित के बॉडी में घुसाया जाता था। कई बार चमड़े के साथ मांस भी रॉड के साथ बाहर निकल जाता था।

4. रस्सी से बांधकर जंगली जानवरों के बीच देते थे छोड़ – ये तरीका सजा देने के लिए काफी यूज किया जाता था। इसमें पीड़ित के हाथ पेर बांधकर उसे जंगली जानवरों के बीच में छोड़ देते थे। जिससे पीड़ित अपना बचाव नहीं कर पाता था। और जानवर उसे नोच-नोचकर खा जाते थे।

5. सीमेंट के जूते पहनाकर पानी में देते थे फेंक – अमेरिकन माफिया ने सजा देने के इस तरीके को शुरू किया था। इसमें दुश्मनों या जासूसों के पैरों को जूते की शेप वाले खांचे में रखा जाता था। फिर उस खांचे को गीले सीमेंट से भरकर छोड़ दिया जाता था। सूखने पर सीमेंट भारी हो जाता था। तब अपराधी को नदी या गहरे पानी में फेंक दिया जाता था।

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