रैनसमवेयर वायरस पर माइक्रोसॉफ्ट ने दी चेतावनी

शुक्रवार से शुरू हुए रैनसमवेयर वायरस के हमलों को माइक्रोसॉफ्ट के प्रेसीडेंट ब्रैड स्मिथ ने चेतावनी के तौर पर लेने की अपील की. सभी देशों की सरकार से गुज़ारिश की गयी है इस मामले को संजीदगी से लिया जाये. इसमें सबसे चौंकाने वाली खबर ये है कि इस हमले की जड़ें एनएसए यानी अमरीकी राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी से जुड़ी हैं. माइक्रोसॉफ्ट ने सरकारों से साइबर हथियारों के प्रति सख्त रवैया रखने की बात कही है. इस दौर में साइबर क्राइम ही सबसे बड़ी चुनौती है.
आपको बता दें कि शुक्रवार को दुनियाभर के 150 देशों में कंप्यूटरों पर रैनसमवेयर वायरस से हमला किया गया था.
शनिवार और रविवार की छुट्टी के बाद जब लोग सोमवार को काम पर लौटे तो इसका खतरा और भी बढ़ गया. इस वजह से कई कंपनियों ने छुट्टी वाले दिनों में ही साइबर एक्सपर्ट को बुलाकर वायरस को निष्क्रिय करने पर लगा दिया है. ये एक ऐसा वायरस है जो कंप्यूटर्स में रखी फाइलों पर कब्ज़ा कर लेता है. और तो और इन्हें लौटाने के बदले फिरौती भी मांगता है.

माइक्रोसॉफ्ट ने रविवार को एक बयान जारी कर कंप्यूटर सिस्टम में सुरक्षा संबंधी जानकारियों को सरकार की आलोचना की. असल में सरकारें इन ज़रूरी जानकारियों की सुरक्षा को लेकर बहुत सुस्त है. माइक्रोसॉफ्ट ने अपने बयान में कहा कि “हमने देखा है कि किस तरह सीआईए की अतिसंवेदनशील सूचनाओं को विकीलीक्स ने चुराया और अब एनएसए से ऐसी ही संवेदनशील सूचनाएं चोरी होने से दुनियाभर में कंप्यूटर्स प्रभावित हुए हैं.”
शैडो ब्रोकर्स नाम के एक हैकिंग ग्रुप ने पिछले अप्रैल में इस तरह के वायरस का एक बड़ा हिस्सा (डंप) लीक किया था. इस शुक्रवार को हुए साइबर अटैक में जो रैनसम वायरस का इस्तेमाल हुआ है वो इसी लीक से मिलता-जुलता पाया गया है.
टेक्नोलॉजी वेबसाइट, एआरएस टेक्निका की मानें तो शैडो ब्रोकर्स नाम का ये हैकर्स ग्रुप बीते 8 महीनों से एनएसए के साइबर हथियारों की जानकारी लीक कर रहा था.

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