Samsung करेगी नोएडा में 4,915 करोड़ रुपए का निवेश

उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद बनाने वाली कोरियाई कंपनी सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स ने दिल्ली एनसीआर के नोएडा स्थित स्मार्टफोन, रेफ्रिजेरेटर और फ्लैट पैनल टेलीविजन निर्माण संयंत्र में क्षमता विस्तार पर 4,915 करोड़ रुपए का निवेश करने की घोषणा की है।

केन्द्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद, उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर एवं औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना, नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत की मौजूदगी में सैमसंग दक्षिण पश्चिम एशिया के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी एच सी होंग ने क्षमता विस्तार के लिए भूमि पूजन के बाद यह घोषणा की।

होंग ने कहा कि सैमसंग ने मेक इन इंडिया और मेक फॉर इंडिया प्रतिबद्धता के तहत यह निवेश करने की योजना बनाई है। नोएडा स्थित संयंत्र में ही नई इकाई लगाई जायेगी और यह वर्ष 1996 में बनाया गया संयंत्र है।

उत्तर प्रदेश सरकार ने हाल ही में सैमसंग के इस निवेश को मेगा नीति के तहत अनुमोदित किया था। नोएडा स्थित यह संयंत्र देश में पहला इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण संयंत्र है। इसमें वर्ष 1997 में टेलीविजन का निर्माण शुरू हुआ और वर्ष 2005 में मोबाइल फोन निर्माण इकाई लगाई गई थी। कंपनी के इस नएनिवेश से हजारों लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 1995 में भारतीय बाजार में प्रवेश के साथ ही उनकी कंपनी ने नवाचार, विनिर्माण और उपभोक्ता विपणन के क्षेत्र में नया बेंचमार्क बनाने के साथ ही स्वयं को एक राष्ट्रीय ब्रांड के रूप में स्थापित किया है।

कंपनी के भारत में नोएडा और तमिलनाडु के श्रीपेरंबदुर में संयंत्र हैं। इसके साथ ही पांच शोध एवं विकास केन्द्र और एक डिजाइन सेंटर है। कुल मिलाकर 70 हजार लोग सैमसंग में काम कर रहे हैं और 1.5 लाख खुदरा वितरक जुड़े हुए हैं।

इस मौके पर प्रसाद ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद निर्णय लेने की क्षमता में भारी बदलाव हुआ है। उत्तर प्रदेश में अधिकाधिक निवेश और रोजगार के लिए केन्द्र और राज्य सरकार राम लक्ष्मण की तरह काम करेंगें।

उन्होंने कहा कि सरकार अगले कुछ वर्षाें में देश में एक लाख करोड़ डॉलर अर्थात 60 लाख करोड़ डॉलर की डिजिटल अर्थव्यवस्था बनाना चाहती है और इसके लिए देश में भरपूर क्षमता है।

उन्होंने विदेशी निवेशकों को भारत में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करते हुएकहा कि यहां निवेश करना निवेशक और सरकार दोनों के लिए बेहतर है। भारत कुशल कामगार प्रदान करने में अव्वल है और किसी भी कंपनी के विकास के लिए कुशल कामगार की महत्ती आवश्यकता है।

उन्होंने नोएडा और ग्रेटर नोएडा को भारत के सिंगापुर के रूप में विकसित करने की इच्छा जताते हुएकहा कि मोदी सरकार के सत्ता में आने पर इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के क्षेत्र में 11 हजार करोड़ रुपए का निवेश हुआ था लेकिन पिछले तीन वर्षाें में यह बढक़र 1.53 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया है।

उन्होंने कहा कि इस दौरान देश में 72 इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण संयंत्र लगे हैं जिसमें से 32 नोएडा में है इसलिए नोएडा और ग्रेटर नोएडा को इलेक्ट्रानिक्स विनिर्माण केन्द्र के रूप में विकसित किया जा सकता है।

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