अरूणाचल प्रदेश की जांबाज़ बेटी कबक यानो (Kabak Yano) ने एक बार फिर दुनिया के नक्शे पर भारत का नाम रोशन किया है। अपनी हिम्मत और अटूट इरादों के बल पर उन्होंने दक्षिण अमेरिका की सबसे ऊंची चोटी माउंट एकोंकागुआ (Mount Aconcagua) पर तिरंगा फहरा दिया है। ये चोटी अर्जेंटीना में स्थित है और इसकी ऊंचाई समुद्र तल से लगभग 22,831 फीट है। उन्होंने ये उपलब्धि 1 फरवरी 2026 को हासिल की थी। ये जीत उनके उस बड़े सपने का हिस्सा है, जिसमें वो दुनिया के सातों महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों पर फतेह हासिल करना चाहती है। इसे 7-समिट अभियान कहा जाता है। माउंट एकोंकागुआ को फतेह करना कोई आसान बात नहीं है। यहां की बर्फीली हवाएं और ऑक्सीजन की कमी अच्छे-अच्छे पर्वतारोहियों की परीक्षा लेती है, लेकिन कबक ने हार नहीं मानी।
5 सितंबर 1999 को जन्मी कबक यानो की ये महत्वपूर्ण उपलब्धि व्यक्तिगत चुनौतियों से भरी रही है। उनके पिता लोक निर्माण विभाग (PWD) में मजदूर के तौर पर काम किया करते थे। 2022 में अपने पिता के निधन के बाद उन्होंने अपने परिवार की जिम्मेदारी संभाली। अपनी पढ़ाई और घरेलु खर्चों को पूरा करने के लिए बाउंसर के तौर पर भी काम किया और ब्यूटी पार्लर में भी नौकरी की। उनकी ये संघर्ष यात्रा आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है। उनकी इस शानदार उपलब्धि के बाद अरूणाचल प्रदेश के राज्यपाल रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल कैवल्य त्रिविक्रम परनाइक ने उन्हें बधाई भी दी।
आपको बता दें कि कबक इससे पहले एशिया के माउंट एवरेस्ट, अफ्रीका के माउंट किलिमंजारो और रूस के माउंट एल्ब्रस को फतेह कर चुकी हैं। वो अरूणाचल प्रदेश की पांचवी और न्यीशी (Nyishi) समुदाय की पहली महिला पर्वतारोही है, जिन्होंने माउंट एवरेस्ट को फतेह किया। अब उनकी नज़रें बाकी बची हुई चोटियों पर है और भारत उनकी अगली कामयाबी का इंतज़ार कर रहा है।