जानिए क्यों मनाई जाती है हरतालिका तीज, पति की लंबी उम्र सौभाग्य के लिए महिलाएं करती है व्रत

हरतालिका तीज, भाद्रपद शुक्ल तृतीया को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व, 26 अगस्त 2025 को है। सुहागिनें पति की दीर्घायु और कुंवारी कन्याएं मनचाहे वर के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। शिव-पार्वती की मिट्टी की मूर्तियों की पूजा, श्रृंगार, मेहंदी, भजन-कीर्तन और मंत्र जाप होता है।

जानिए क्यों मनाई जाती है हरतालिका तीज, पति की लंबी उम्र सौभाग्य के लिए महिलाएं करती है व्रत

पति की दीर्घआयु के लिए महिलाएं करती है हरतालिका तीज का व्रत

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Highlights

  • भाद्रपद शुक्ल तृतीया को मनाया जाता है हरतालिका तीज का पर्व।
  • सुहागन महिलाएं पति की दीर्घायु और कुंवारी कन्याएं मनचाहे वर के लिए व्रत रखती हैं।
  • माता पार्वती ने शिवजी को पति रूप में प्राप्त करने के लिए यह व्रत रखा था।

हरतालिका तीज, सुहागिनों और कुंवारी कन्याओं का प्रमुख पर्व, हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाया जाने वाला यह वर्ष भगवान शिव और माता पार्वती को ही समर्पित होता है। 30 अगस्त 2022 को मनाए जाने वाले इस पर्व पर महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं, पति की दीर्घायु की प्रार्थना करती हैं, एवं मिट्टी की मूर्तियों से शिव-पार्वती परिवार की पूजा करती हैं। माता का श्रृंगार, मेहंदी, और रात में गौरी पूजा की जाती है। कुंवारी लड़कियां भी इसका उपवास करती हैं।

किस दिन है हरतालिका तीज :

हिंदू कैलेंडर के अनुसार, हरतालिका तीज भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। पंचांग के मुताबिक, इस साल हरतालिका तीज का व्रत, जो अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद देता है, 26 अगस्त 2025 को मनाई जा रही है। इस दिन सुहागिन महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की विधिवत पूजा के लिए प्रातः 05:56 से 08:31 बजे तक, लगभग ढाई घंटे का शुभ मुहूर्त पाएंगी।

क्यों मनाई जाती है हरतालिका तीज :

सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और अखंड सौभाग्य के लिए हरतालिका तीज का व्रत रखती हैं। कुंवारी कन्याएं मनचाहे वर की प्राप्ति के लिए इस दिन उपवास करती हैं। मान्यता है कि माता पार्वती ने हरतालिका तीज का व्रत रखकर भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त किया था। उनके अनुसरण में महिलाएं शिव-पार्वती जैसा दांपत्य जीवन पाने की कामना करती हैं।

कैसे मनाई जाती है हरतालिका तीज :

हरतालिका तीज पर प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण कर लें। जल लेकर व्रत का संकल्प लें। मिट्टी से माता पार्वती, शिवजी और गणेशजी की मूर्तियां बनाकर चौकी पर स्थापित करें। माता को वस्त्र, चुनरी और श्रृंगार सामग्री अर्पित करें। फूल, धूप, चंदन चढ़ाएं। शिवजी को भांग, धतूरा और सफेद फूल समर्पित करें। पूरे दिन निर्जला व्रत रखकर रात में भजन-कीर्तन और शुभ मुहूर्त पर पूजा करें।

हरतालिका तीज में करें इन मंत्रों का जाप :

उपवास के समय आप मंत्रों का जाप कर सकते हैं। भगवान शिव की पूजा करते वक़्त 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करें। मां पार्वती का पूजन करते समय 'ॐ उमायै नम:' मंत्र का जाप करना चाहिए।

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