महाराष्ट्र से एक बड़ी खबर सामने आई है। राजधानी मुंबई के आजाद मैदान में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा 'लहरा दो तिरंगा' प्रदर्शन का आयोजन किया गया, जहाँ गिरफ्तार कार्यकर्ताओं सौरव दास और आशुतोष रांका के समर्थन में समर्थक एकत्र हुए। वहीं दिल्ली में, आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी एक तिरंगा रैली निकाली, जिसमें पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने 200 फीट लंबा राष्ट्रीय ध्वज लेकर मार्च किया।
AAP की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यह एक आजाद देश है और आजादी का असल मतलब ही यही है कि कोई भी नागरिक अपने देश में कहीं भी तिरंगा फहरा सकता है। इसी आजादी को पाने के लिए तो इस देश ने लड़ाई लड़ी थी। कोई सरकार या पुलिस किसी को तिरंगा फहराने से कैसे रोक सकती है? ये लोगों से उनके जन्मदिन पर दीये जलवा सकते हैं, अपने कहने पर लोगों से थालियाँ बजवा सकते हैं, सब कुछ इनके इशारे पर हो सकता है।
लेकिन अगर कोई नागरिक अपनी मर्जी से कुछ करना चाहे, तो वह शांति से कुछ भी नहीं कर सकता। यह गलत है। इसीलिए आज हम यहाँ तिरंगा लेकर आए हैं। प्रशांत भूषण की सत्ता परिवर्तन वाली टिप्पणी पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के हमले के जवाब में, सौरभ भारद्वाज ने कहा कि लोकतंत्र में सरकारें आती-जाती रहती हैं। लोकतंत्र का मतलब ही यही है। अगर सत्ता में सिर्फ एक ही सरकार और एक ही व्यक्ति बना रहे, तो उसे तानाशाही कहा जाता है।
नेहा बोरा की बांग्लादेश वाली टिप्पणी पर उन्होंने कहा, "नेहा बोरा अभी बच्ची हैं। उनके बयान को बहुत ज्यादा तूल नहीं दिया जाना चाहिए। मेरा मानना है कि हमारे देश में कई महान आदर्श मौजूद हैं। जब हमारे पास शहीद-ए-आजम भगत सिंह हैं, जिन्होंने 23 साल की उम्र में फांसी का फंदा चुन लिया था, तो हमें किसी और देश से प्रेरणा लेने की क्या जरूरत है? हमें नेपाल या बांग्लादेश में प्रेरणा खोजने की कोई आवश्यकता नहीं है।"