उज्जैन से अयोध्या तक पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा शुरू

दिग्विजय सिंह की पत्नी पत्नी अमृता राय ने बताया कि सनातन ही परम सत्य है और यही हमारा गौरव है। हम इसी विश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं। शिव एक दर्शन हैं, जबकि राम हमारी मर्यादा हैं। हम इस दर्शन को उस मर्यादा तक पहुंचाने के लिए यह यात्रा कर रहे हैं और यह सुनिश्चित करने के लिए भी कि हमारे समाज की स्थापित संस्थाएं, जिन पर हमारा विश्वास है और जो हमारी आस्था के केंद्र हैं, उनके साथ कोई विश्वासघात या धोखा न हो।​

उज्जैन से अयोध्या तक पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा शुरू

रिपोर्ट्स के अनुसार यात्रा के दौरान हर दिन लगभग 15 किलोमीटर पैदल चलने की योजना है।

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Highlights

  • लगभग 950 किलोमीटर लंबी सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा 70 दिनों में अयोध्या पहुंचेगी।
  • यात्रा आरंभ करने से पहले दिग्विजय सिंह ने चिंतामन गणेश मंदिर तथा श्री महाकाल मंदिर में की पूजा-अर्चना।
  • रामेश्वर शर्मा ने कहा की राहुल गांधी को खुश करने और सनातन धर्म को बदनाम करने के लिए दिग्विजय यह यात्रा कर रहे है।

मध्य प्रदेश से एक बड़ी खबर सामने आई है। पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने विजयादशमी के दिन, 20 अक्टूबर को 'सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा' की शुरुआत की। यह यात्रा उज्जैन से शुरू हुई है और अयोध्या के श्री राम मंदिर में जाकर संपन्न होगी। लगभग 950 किलोमीटर लंबी यह यात्रा 70 दिनों में अयोध्या पहुंचेगी। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस यात्रा के दौरान हर दिन लगभग 15 किलोमीटर पैदल चलने की योजना है। यात्रा शुरू करने से पहले, दिग्विजय सिंह ने उज्जैन जिले के चिंतामन गणेश मंदिर और श्री महाकाल मंदिर में पूजा-अर्चना की।

उन्होंने मिट्टी के पार्थिव शिवलिंग का निर्माण कर उनका पूजन और अभिषेक भी किया। यात्रा के पहले दिन मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (MPCC) के अध्यक्ष और पूर्व कैबिनेट मंत्री जीतू पटवारी भी मौजूद थे। इसकी कुछ तस्वीरें X पर शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, "आज उज्जैन में पूर्व मुख्यमंत्री श्री दिग्विजय सिंह जी के सानिध्य में शिवधाम उज्जैन से रामधाम अयोध्या तक प्रारंभ हुई सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा के शुभारंभ समारोह में सहभागिता की। यह यात्रा आध्यात्मिक आस्था और सामाजिक समरसता के मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाने का एक महत्वपूर्ण संकल्प है।"

इस यात्रा के दूसरे दिन दिग्विजय सिंह ने कहा कि सनातन धर्म को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। पारंपरिक वर्ण व्यवस्था जन्म पर नहीं, बल्कि कर्म पर आधारित थी। डॉ. बी.आर. आंबेडकर की बौद्धिक क्षमता के आधार पर उन्हें ब्राह्मण माना जा सकता था। कांग्रेस पार्टी सनातन धर्म के सच्चे सिद्धांतों का पालन करती है। वहीं उनकी पत्नी अमृता राय ने बताया कि सनातन ही परम सत्य है और यही हमारा गौरव है। हम इसी विश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

शिव एक दर्शन हैं, जबकि राम हमारी मर्यादा हैं। हम इस दर्शन को उस मर्यादा तक पहुंचाने के लिए यह यात्रा कर रहे हैं और यह सुनिश्चित करने के लिए भी कि हमारे समाज की स्थापित संस्थाएं, जिन पर हमारा विश्वास है और जो हमारी आस्था के केंद्र हैं, उनके साथ कोई विश्वासघात या धोखा न हो।​ 

इस यात्रा पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता और हुजूर से विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि दिग्विजय सिंह यह यात्रा सत्य सनातन धर्म के लिए नहीं कर रहे हैं। बल्कि वे ऐसा राहुल गांधी को खुश करने और सनातन धर्म को बदनाम करने के लिए कर रहे हैं। अगर दिग्विजय सिंह और कांग्रेस में सच में दम होता, तो उन्हें उस समय अयोध्या की यात्रा आयोजित करनी चाहिए थी जब लाखों कार सेवक अयोध्या की धरती पर संघर्ष कर रहे थे, एक ऐसा संघर्ष जो सुप्रीम कोर्ट तक पहुँच गया था। 

अगर वे तब इस मुहिम में शामिल हुए होते, तो हम कह सकते थे कि यह यात्रा सच में सनातन धर्म के लिए है। यह सनातन धर्म को बदनाम करने के लिए कांग्रेस की एक सोची-समझी साजिश है। फिर भी, मैं कांग्रेस के अपने साथियों से और खासकर दिग्विजय सिंह से अपील करूँगा कि वे अयोध्या की यात्रा न निकालें। इसके बजाय, मथुरा की यात्रा आयोजित करें, हम आपकी सेवा में आपके साथ शामिल होंगे। अगर आपमें हिम्मत है, तो मथुरा की ओर बढ़ें! आप चाहते हैं कि सनातन धर्म को बदनाम किया जाए और भारत के युवा मंदिरों में जाना बंद कर दें, लेकिन ऐसा कभी नहीं होने वाला है।

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