पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी सीने में इन्फेक्शन के कारण अस्पताल में भर्ती, हालत स्थिर

ओडिशा के उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव ने X पर एक पोस्ट में लिखा, "हमारे सम्मानित राजनेता, वरिष्ठ BJP नेता और पूर्व उप प्रधानमंत्री, श्री लालकृष्ण आडवाणी जी के सीने में संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती होने की खबर सुनकर गहरी चिंता हुई। महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी उन्हें शक्ति और धैर्य प्रदान करें तथा वे जल्द ही स्वस्थ हो जाएं, ताकि वे अपनी बुद्धिमत्ता और मार्गदर्शन से देश को प्रेरित करते रहें।" 98 वर्षीय आडवाणी को BJP के राजनीतिक इतिहास के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक माना जाता है।

पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी सीने में इन्फेक्शन के कारण अस्पताल में भर्ती, हालत स्थिर

98 वर्षीय आडवाणी को भाजपा के राजनीतिक इतिहास के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक माना जाता है।

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Highlights

  • अपोलो अस्पताल द्वारा जारी स्टेटमेंट के अनुसार वे अभी ICU में है और डॉ. विनीत सूरी की देखरेख में है।
  • केंद्रीय स्वास्थ्य जेपी नड्डा ने अपोलो अस्पताल का दौरा किया और आडवाणी के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली।
  • लालकृष्ण आडवाणी को 2024 में भारत रत्न और 2015 में पद्म विभूषण से भी सम्मानित किया गया था।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के संस्थापक नेताओं में से एक और भारत के पूर्व उप प्रधानमंत्री, लालकृष्ण आडवाणी को छाती में संक्रमण (चेस्ट इन्फेक्शन) के कारण इंद्रप्रस्थ स्थित अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल द्वारा जारी एक प्रेस स्टेटमेंट के अनुसार, वे अभी ICU में हैं और न्यूरोलॉजी के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. विनीत सूरी की देखरेख में हैं। उनकी हालत स्थिर है और वे डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने आज सुबह दिल्ली के अपोलो अस्पताल का दौरा किया और डॉक्टरों से मिलकर वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। ओडिशा के उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव ने भी X पर एक पोस्ट में लिखा, "हमारे सम्मानित राजनेता, वरिष्ठ BJP नेता और पूर्व उप प्रधानमंत्री, श्री लालकृष्ण आडवाणी जी के सीने में संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती होने की खबर सुनकर गहरी चिंता हुई। महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी उन्हें शक्ति और धैर्य प्रदान करें तथा वे जल्द ही स्वस्थ हो जाएं, ताकि वे अपनी बुद्धिमत्ता और मार्गदर्शन से देश को प्रेरित करते रहें।"

98 वर्षीय आडवाणी को BJP के राजनीतिक इतिहास के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक माना जाता है। लालकृष्ण आडवाणी ने अपने लंबे राजनीतिक सफर में कई महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी संभाली है। वह मार्च 1967 से अप्रैल 1970 तक तत्कालीन दिल्ली महानगर परिषद (DMC) के अध्यक्ष रहे। इसके बाद, साल 1970 में वह दिल्ली से राज्यसभा सांसद चुने गए। वह 1976 में गुजरात से और फिर 1982 से 1989 तक मध्य प्रदेश से भी राज्यसभा के सदस्य रह चुके हैं।

उन्होंने 1989 में नई दिल्ली लोकसभा सीट से चुनाव जीता और 1991 तक इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। इसके बाद, 1991 से 2019 तक वह लगातार गुजरात की गांधीनगर सीट से लोकसभा सांसद रहे। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय मंत्रिमंडल में भी कई महत्वपूर्ण पदों का कार्यभार संभाला है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के नेतृत्व वाली पहली गैर-कांग्रेसी सरकार में केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री के रूप में कार्य किया। उन्होंने राज्यसभा और लोकसभा, दोनों सदनों में विपक्ष के नेता की भूमिका भी निभाई।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में, वे गृह मंत्री और बाद में उप प्रधानमंत्री रहे। इसके अलावा, उन्होंने तत्कालीन भारतीय जनसंघ (BJS) और बाद में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में भी काम किया। वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती, पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू, पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली और पूर्व संसदीय कार्य मंत्री प्रमोद महाजन के मार्गदर्शक माने जाते हैं। आडवाणी को 2024 में भारत रत्न और 2015 में पद्म विभूषण से भी सम्मानित किया गया था।

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