राहुल गांधी पर निशिकांत दुबे के गंभीर आरोप, विदेशी संपर्कों और विदेश यात्राओं पर उठाए सवाल

उन्होंने दिल्ली में हाल ही में हुई घटनाओं का भी जिक्र किया। निशिकांत ने कहा कि दिल्ली की सड़कें परेशान रहीं। वहां के आम लोग, व्यापारी और ऑटो चालक आदि परेशान रहे। पिछले 10-15 दिनों से ऐसा लग रहा था जैसे दिल्ली में कोई नियम-कानून ही नहीं हैं। विपक्ष के नेता लंच या डिनर के लिए बाहर जाते हैं और फिर कहीं जाकर धरने पर बैठ जाते हैं। देखा गया कि ऐसे लोग, जिनमें से कुछ ने शायद अपनी पूरी जिंदगी में कभी तिरंगा नहीं फहराया होगा, वहां राष्ट्रीय ध्वज लेकर पहुंच रहे थे।

राहुल गांधी पर निशिकांत दुबे के गंभीर आरोप, विदेशी संपर्कों और विदेश यात्राओं पर उठाए सवाल

निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी पर कई गंभीर आरोप लगाए।

Share:

Highlights

  • निशिकांत दुबे ने पिछले 10 वर्षों में राहुल गांधी के 270 बार विदेश जाने का दावा किया।
  • निशिकांत ने इल्हान उमर और रो खन्ना के साथ राहुल की कथित मुलाकातों को लेकर सवाल उठाए।
  • निशिकांत ने दावा किया की राहुल भारत को एक बार फिर से टुकड़ों में बांटना चाहते है।

भारतीय जनता पार्टी के चर्चित नेता और झारखंड के गोड्डा लोकसभा क्षेत्र से सांसद निशिकांत दुबे ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दिल्ली में हाल ही में हुई घटनाओं का भी जिक्र किया। निशिकांत ने कहा कि दिल्ली की सड़कें परेशान रहीं। वहां के आम लोग, व्यापारी और ऑटो चालक आदि परेशान रहे। पिछले 10-15 दिनों से ऐसा लग रहा था जैसे दिल्ली में कोई नियम-कानून ही नहीं हैं। 

विपक्ष के नेता लंच या डिनर के लिए बाहर जाते हैं और फिर कहीं जाकर धरने पर बैठ जाते हैं। देखा गया कि ऐसे लोग, जिनमें से कुछ ने शायद अपनी पूरी जिंदगी में कभी तिरंगा नहीं फहराया होगा, वहां राष्ट्रीय ध्वज लेकर पहुंच रहे थे। जिस तरह से तिरंगे का इस्तेमाल किया गया, उससे साफ पता चलता है कि उन्हें इसके सम्मान या गरिमा की कोई परवाह नहीं है। पिछले 10 सालों में, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी 270 बार विदेश यात्रा पर गए हैं। 

अब, लोगों और युवाओं को भड़काने के बाद, राहुल गांधी वियतनाम चले गए हैं। वे वियतनाम और विदेशों की यात्रा क्यों करते हैं और वहां किससे मिलते हैं? अमेरिका में वे अक्सर इल्हान उमर और रो खन्ना से मिलते थे। इल्हान उमर एक जन-प्रतिनिधि हैं, जो पाकिस्तान गई थीं और उन्होंने कहा था कि कश्मीर पाकिस्तान का हिस्सा है। अब, ट्रम्प प्रशासन इल्हान उमर के परिवार के यहां छापेमारी कर रहा है। राहुल गांधी से मेरा सवाल है, किसके कहने पर वे इल्हान उमर से मिले थे?

निशिकांत दुबे ने कांग्रेस पार्टी से पूछा कि नेविल रॉय सिंघम और ऑनलाइन गैंबलिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तथा क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े विभिन्न सिंडिकेट्स के संदर्भ में, राहुल गांधी पिछले पांच वर्षों में इन क्षेत्रों के किन लोगों से मिले हैं? इसके अलावा, इनमें से कौन से लोग उनकी भारत जोड़ो यात्रा या इसी तरह के अन्य अभियानों में शामिल हुए थे? साथ ही, जब भी वे विदेश जाते हैं, तो वहां किससे मिलते हैं और देश को अस्थिर करने के लिए किस तरह की योजनाएं बनाते हैं?

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ऐसे व्यक्ति हैं, जिनका किसी भी संस्था या संविधान में कोई भरोसा नहीं है। लेकिन BJP हमेशा सभी संस्थाओं का सम्मान करती है। इलाहाबाद हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को लेकर सुनवाई चल रही है कि राहुल गांधी का असली नाम राउल विंसी है। यह एक तथ्य है कि उनका नाम राउल विंसी ही है।

निशिकांत ने आरोप लगाया कि जब भी राहुल गांधी विदेश जाते हैं, तो वे नेविल रॉय सिंघम, इल्हान उमर, रो खन्ना और सोरोस फाउंडेशन के सिंडिकेट्स के साथ जुड़ते हैं। अमेरिकी कांग्रेस की इन रिपोर्टों के आधार पर ऐसा लगता है कि उन्हें क्रिप्टोकरेंसी, AI और ऑनलाइन गैंबलिंग लॉबी ने खरीद लिया है। उनके इशारे पर और उनके उकसावे से प्रेरित होकर वे और कई विपक्षी दल युवाओं को सत्ता परिवर्तन के लिए उकसाते हैं। 

उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी भारत को एक बार फिर से टुकड़ों में बांटना चाहते हैं। ठीक वैसे ही जैसे नेहरू ने देश का बंटवारा किया था। उनका मकसद देश को बांटना और नेपाल, श्रीलंका या पाकिस्तान जैसे भयावह हालात पैदा करना है। लेकिन उनका यह मकसद कभी कामयाब नहीं होगा, क्योंकि अब दुनिया जाग चुकी है। इन रिपोर्टों से पता चलता है कि इन देशद्रोहियों के साथ उनके निजी संबंध हैं।

सरकार उचित कार्रवाई करेगी, लेकिन हम सीधे जनता के बीच भी जाएंगे। राजनीति और लोकतंत्र में जनता ही सर्वोपरि है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से अप्रासंगिक हो जाए। जब ​​ये दस्तावेज जनता के सामने आएंगे, तो कांग्रेस, विपक्ष या कांग्रेस का समर्थन करने वाले किसी भी नेता के पास जनता को अपना चेहरा दिखाने की हिम्मत नहीं बचेगी और जनता उन्हें उनकी इस शर्मनाक हरकत के लिए जरूर कठघरे में खड़ा करेगी।

रिलेटेड टॉपिक्स