पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क 21 से 23 अक्टूबर तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर हैं। नई दिल्ली आगमन पर केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री डॉ. राज भूषण चौधरी ने उनका स्वागत किया। इसकी कुछ तस्वीरें X पर शेयर करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने लिखा, "पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क के नई दिल्ली आगमन पर उनका हार्दिक स्वागत है। एयरपोर्ट पर राज्य मंत्री डॉ. राज भूषण चौधरी ने उनका स्वागत किया। यह यात्रा भारत-पोलैंड रणनीतिक साझेदारी को नई गति प्रदान करेगी और हमारे दीर्घकालिक संबंधों को और अधिक मजबूत बनाएगी।"
जानकारी के अनुसार, डोनाल्ड टस्क के साथ वित्त एवं अर्थव्यवस्था मंत्री आंद्रेज डोमांस्की और एक बड़ा व्यापार प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है। पोलैंड के प्रधानमंत्री के रूप में यह उनकी भारत की दूसरी यात्रा है। इससे पहले वे 2010 में अपने पिछले कार्यकाल के दौरान भारत आए थे। डोनाल्ड टस्क 2017 में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष के तौर पर भी भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन के लिए नई दिल्ली आए थे। उन्होंने आज नई दिल्ली के राजघाट पर महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में डोनाल्ड टस्क के साथ द्विपक्षीय बातचीत भी की।
दोनों नेताओं ने एक जॉइंट प्रेस मीट को संबोधित भी किया। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मैं पोलैंड के प्रधानमंत्री का भारत में हार्दिक स्वागत करता हूँ। 2024 में मेरी पोलैंड यात्रा के दौरान, उन्होंने मेरा और मेरे प्रतिनिधिमंडल का बहुत गर्मजोशी से स्वागत किया था। उस यात्रा में, हमने अपने संबंधों को स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप के स्तर तक पहुँचाया। इसी मजबूत नींव पर आगे बढ़ते हुए, पिछले दो वर्षों में हमारी साझेदारी ने नई गति पकड़ी है। आज, प्रधानमंत्री के साथ अपनी मुलाकात के दौरान, हमने अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए।
भारत और पोलैंड के बीच की दोस्ती केवल राजनयिक संबंधों पर ही नहीं, बल्कि मानवता और करुणा की हमारी साझा विरासत पर भी टिकी है। दूसरे विश्व युद्ध के दौरान, जामनगर और कोल्हापुर के राजघरानों ने भारत में पोलैंड के हजारों बच्चों और परिवारों को आश्रय दिया था। दुनिया अनिश्चितता और बदलाव के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में भी, भारत और पोलैंड दोनों ही ग्रोथ, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के महत्वपूर्ण केंद्रों के रूप में उभर रहे हैं। पिछले साल, पोलैंड की जीडीपी ने 1 ट्रिलियन डॉलर के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर लिया। मैं इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री को हार्दिक बधाई देता हूँ। वहीं दूसरी ओर, पिछली तिमाही में भारत ने 7.8% की मजबूत विकास दर दर्ज की।
भारत-यूरोपीय संघ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) ने भारत-पोलैंड साझेदारी के लिए नए अवसर पैदा किए हैं और उनका और विस्तार किया है। एक बार जब यह समझौता लागू हो जाएगा, तो इससे पोलैंड को होने वाले भारतीय निर्यात के लिए मशीनरी, रसायनों, प्लास्टिक और इंजीनियरिंग सामान के क्षेत्रों में नए अवसर खुलेंगे। आज हम रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्रों में अपना सहयोग और गहरा करने पर सहमत हुए हैं। हम पोलैंड की कंपनियों को आमंत्रित करते हैं कि वे इन सभी रणनीतिक क्षेत्रों में भारत के साथ मिलकर को-डेवलपमेंट और को-प्रोडक्शन के काम में जुड़ें।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज हमने क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विस्तार से चर्चा की। भारत और पोलैंड, दोनों ही लोकतांत्रिक मूल्यों और कानून के शासन में विश्वास रखते हैं। हमारा मानना है कि वैश्विक शासन संस्थानों को अधिक मजबूत और प्रभावी बनाने के लिए सुधार जरूरी हैं। चाहे यूक्रेन हो या पश्चिम एशिया, भारत शांति की दिशा में किए जा रहे हर सार्थक प्रयास का समर्थन करना जारी रखेगा।