गायक जुबिन नौटियाल के पिता रामशरण नौटियाल ने छोड़ी भाजपा, कांग्रेस में की वापसी

X पर एक वीडियो शेयर करते हुए कुमारी शैलजा ने लिखा, "प्रसिद्ध गायक जुबिन नौटियाल के पिता एवं हमारे पुराने साथी रामशरण नौटियाल जी का कांग्रेस परिवार में पुनः स्वागत करती हूं। रामशरण नौटियाल जी भाजपा के माहौल और कार्यशैली से असंतुष्ट थे। कांग्रेस अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खरगे जी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी जी के नेतृत्व और कांग्रेस पार्टी की विचारधारा से प्रभावित होकर उन्होंने पुनः कांग्रेस में शामिल होने का निर्णय लिया है।"

गायक जुबिन नौटियाल के पिता रामशरण नौटियाल ने छोड़ी भाजपा, कांग्रेस में की वापसी

2022 के विधानसभा चुनावों में भाजपा उम्मीदवार के तौर पर रामशरण 27,417 वोट पाकर दूसरे स्थान पर रहे।

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Highlights

  • कुमारी शैलजा, यशपाल आर्य और गणेश गोदियाल की मौजूदगी में कांग्रेस में शामिल हुए रामशरण नौटियाल।
  • 2022 में चकराता सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े, लेकिन कांग्रेस के प्रीतम सिंह से हार गए।
  • रामशरण नौटियाल देहरादून जिला पंचायत अध्यक्ष और उत्तराखंड कांग्रेस में महामंत्री व उपाध्यक्ष रह चुके है।

उत्तराखंड की राजनीति से एक बड़ी खबर सामने आई है। 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) को एक झटका लगा है। मशहूर गायक जुबिन नौटियाल के पिता, रामशरण नौटियाल ने BJP छोड़कर फिर से कांग्रेस पार्टी का दामन थाम लिया है। वे उत्तराखंड की प्रभारी कुमारी शैलजा, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी (UPCC) के अध्यक्ष गणेश गोदियाल की मौजूदगी में कांग्रेस में शामिल हुए। 

X पर एक वीडियो शेयर करते हुए कुमारी शैलजा ने लिखा, "प्रसिद्ध गायक जुबिन नौटियाल के पिता एवं हमारे पुराने साथी रामशरण नौटियाल जी का कांग्रेस परिवार में पुनः स्वागत करती हूं। रामशरण नौटियाल जी भाजपा के माहौल और कार्यशैली से असंतुष्ट थे। कांग्रेस अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खरगे जी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी जी के नेतृत्व और कांग्रेस पार्टी की विचारधारा से प्रभावित होकर उन्होंने पुनः कांग्रेस में शामिल होने का निर्णय लिया है। मुझे खुशी है कि हमारे पुराने साथी एक बार फिर कांग्रेस परिवार का हिस्सा बन रहे हैं। उनका हार्दिक स्वागत है।"

रामशरण नौटियाल ने 2022 के उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में चकराता निर्वाचन क्षेत्र से BJP के टिकट पर चुनाव लड़ा था। हालांकि, उन्हें कांग्रेस के प्रीतम सिंह से हार का सामना करना पड़ा। प्रीतम सिंह इस सीट पर साल 1993 से 1996 तक और फिर 2002 से लगातार विधायक चुनते आ रहे हैं। 2022 के इस मुकाबले में रामशरण 27,417 वोट हासिल कर दूसरे स्थान पर रहे थे।

रामशरण की कांग्रेस में वापसी पर यशपाल ने कहा कि वो लंबे समय से कांग्रेस की विचारधारा से जुड़े रहे हैं और पिछले कई दशकों से पार्टी में उन्होंने अहम भूमिका निभाई है। वे देहरादून जिला पंचायत के अध्यक्ष रह चुके हैं और उत्तराखंड कांग्रेस में महामंत्री तथा उपाध्यक्ष की जिम्मेदारियां भी संभाल चुके हैं। पार्टी में उनकी वापसी वास्तव में घर वापसी है और यह एक स्वागत योग्य अवसर है।

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