देश की राजधानी दिल्ली से एक बड़ी खबर सामने आई है। आज आम आदमी पार्टी (AAP) भी वोट चोरी के आरोपों को लेकर दिल्ली चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर विपक्ष के विरोध-प्रदर्शन में शामिल हो गई है। X पर एक वीडियो शेयर करते हुए AAP दिल्ली के अध्यक्ष और पूर्व कैबिनेट मंत्री सौरभ भारद्वाज ने लिखा, "आम आदमी पार्टी का अन्य राजनीतिक दलों के साथ दिल्ली चुनाव आयोग के खिलाफ धरना। वोट चोरी नहीं चलेगी।" मीडिया से बात करते हुए उन्होनें कहा कि लेफ्ट पार्टियों ने हमें एक हफ्ते पहले न्योता दिया था और हमारे नेता अरविंद केजरीवाल ने उसे स्वीकार किया। आज हम कांग्रेस, CPI(M), CPI(ML) और CPI समेत सभी विपक्षी पार्टियों के साथ यहाँ मौजूद हैं।
हम दिल्ली की आधी से ज्यादा आबादी के वोट गड़बड़ियों के जरिए हटाए जाने का विरोध कर रहे हैं। हमारा मानना है कि 2025 के चुनावों में भी ऐसी ही गड़बड़ियाँ की गई थीं, जिसके कारण आम आदमी पार्टी को अनुचित तरीके से हार का सामना करना पड़ा। हम उसका भी विरोध कर रहे हैं। ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना चाहिए और जिन लोगों के वोट हटाए गए थे, उनके नाम फिर से बहाल किए जाने चाहिए। सौरभ भारद्वाज ने यह भी बताया कि 10 अक्टूबर को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन होगा, जिसका केंद्र जंतर-मंतर होगा। यह आह्वान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने किया है और हम इसका समर्थन कर रहे हैं। वामपंथी पार्टियां, छात्र संगठन और कई छोटे-बड़े संगठन भी इसका समर्थन कर रहे हैं और हम भी इसका समर्थन कर रहे हैं।
विरोध प्रदर्शन के दौरान कोंडली विधायक कुलदीप कुमार ने कहा कि भाजपा सरकार गुंडागर्दी पर उतर आई है। वह ज्ञानेश कुमार को बचा रही है। ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना होगा। वो देश के गद्दार हैं। वहीं बुराड़ी के विधायक संजीव झा ने भी दावा किया कि ज्ञानेश कुमार ने देश के साथ गद्दारी की है। पूरे देश में वोट की चोरी हुई है और विपक्ष लगातार यह मुद्दा उठाता रहा है। अब सुप्रीम कोर्ट ने भी माना है कि उसकी इजाजत के बिना फॉर्म 6 में बदलाव किए गए, जिससे साबित होता है कि उन्होंने एक बार फिर देश को गुमराह किया। आपने देश को गुमराह क्यों किया? क्या आप भाजपा को जीत दिलाने की कोशिश कर रहे हैं? आप इस देश के चुनाव आयोग हैं। आप गद्दार हैं और आपको जेल भेजा जाना चाहिए।