अयोध्या राम मंदिर का निर्माण अप्रैल 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य

ये जानकारी उन करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए उत्साहजनक है, जो मंदिर को उसके पूर्ण रूप में देखने का इंतज़ार कर रहे थे।

अयोध्या राम मंदिर का निर्माण अप्रैल 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य

मंदिर और उससे जुड़े निर्माण कार्यों में लगभग 1900 करोड़ रूपए खर्च होने का अनुमान है।

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Highlights

  • श्रीराम मंदिर परिसर का निर्माण कार्य 30 अप्रैल तक पूरा करने का लक्ष्य।
  • मंदिर परिसर के सप्त मंदिरों को चरणबद्ध तरीके से खोलने की योजना।
  • जुलाई-अगस्त तक मंदिर की फसाड लाइटिंग शुरू होगी।

अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर परिसर का निर्माण कार्य अब अपने अंतिम चरण में है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि मंदिर परिसर से जुड़े बचे हुए निर्माण कार्य 30 अप्रैल 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। ये जानकारी उन करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए उत्साहजनक है, जो मंदिर को उसके पूर्ण रूप में देखने का इंतज़ार कर रहे थे। ट्रस्ट के मुताबिक, अप्रैल 2026 तक कंस्ट्रक्शन एजेंसियों का मुख्य काम समाप्त हो जाएगा।

श्रद्धालुओं के लिए एक और अहम अपडेट ये है कि परिसर में स्थित सप्त मंदिरों को मार्च 2026 तक चरणबद्ध तरीके से दर्शन के लिए खोले जाने की योजना है। इन मंदिरों में महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, देवी अहिल्या, महर्षि अगस्त्य, महर्षि वाल्मीकि, निषादराज गुह और माता शबरी के मंदिर शामिल हैं। इन मंदिरों को खोले जाने के बाद श्रद्धालु रामलला के साथ इनके भी दर्शन कर सकेंगे। मंदिर की मज़बूती और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निर्माण एजेंसियों द्वारा तकनीकी निगरानी की व्यवस्था रखी गई है। निर्माण पूरा होने के बाद भी विशेषज्ञों की एक टीम एक निश्चित अवधि तक परिसर से जुड़ी तकनीकी देखरेख करती रहेगी, ताकि ज़रूरत पड़ने पर किसी भी स्ट्रकचरल समस्या को सुधारा जा सके।

अब तक उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, मंदिर और उससे जुड़े निर्माण कार्यों में लगभग 1900 करोड़ रूपए खर्च होने का अनुमान है। इनमें से 1600 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है। मंदिर प्रशासन का यही उद्देश्य है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धापूर्ण माहौल में प्रभु श्रीराम के दर्शन प्राप्त हो। इसके अलावा श्रीराम मंदिर की फसाड लाइटिंग (Façade Lighting) भी जुलाई-अगस्त तक शुरू हो जाएगी। फिलहाल मंदिर परिसर में केवल ऑडिटोरियम का काम शेष है. इसे भी 30 अप्रैल तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

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