किसान, कनेक्टिविटी और युवा शक्ति पर फोकस वाला बजट 2026

यह बजट कर्तव्य भवन में तैयार किया गया पहला बजट है।

किसान, कनेक्टिविटी और युवा शक्ति पर फोकस वाला बजट 2026

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया।

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Highlights

  • भारत-VISTAAR नामक AI प्लेटफॉर्म से किसानों को मिलेगी बेहतर निर्णय लेने में मदद।
  • पूर्वोदय राज्यों में 5 पर्यटन स्थलों को विकसित करने और 4,000 ई-बसों की व्यवस्था का भी रखा गया प्रस्ताव।
  • खेलो इंडिया मिशन से खेल प्रतिभाओं को पहचानने से लेकर प्रोफेशनल लेवल तक होगा विकास।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। यह बजट कर्तव्य भवन में तैयार किया गया पहला बजट है। इस बजट की नींव तीन मुख्य कर्तव्यों पर रखी गई है। पहला कर्तव्य है उत्पादकता और कॉम्पिटिटिवनेस बढ़ाकर आर्थिक विकास को तेज़ करना और अस्थिर वैश्विक परिस्थितियों में देश की इकोनॉमी को मजबूत बनाना। दूसरा कर्तव्य लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनकी क्षमता निर्माण करना, ताकि वे भारत की समृद्धि में भागीदार बन सकें। तीसरा कर्तव्य “सबका साथ, सबका विकास” के विज़न के तहत यह सुनिश्चित करना है कि हर परिवार, समाज, क्षेत्र और वर्ग को संसाधन और विकास के बराबर मौके मिलें।

किसानों के लिए बजट में भारत-VISTAAR नाम का एक AI आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू करने की घोषणा की गई है। इसके जरिए किसानों को बेहतर निर्णय लेने में मदद मिलेगी, कृषि उत्पादकता बढ़ेगी। इसके अलावा दुर्गापुर में एक सुव्यवस्थित केंद्र के साथ इंटीग्रेटेड ईस्टर्न कोस्ट इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के विकास का प्रस्ताव रखा गया है। पूर्वोदय राज्यों में 5 पर्यटन स्थलों को विकसित करने और 4,000 ई-बसों की व्यवस्था का भी प्रस्ताव रखा। साथ ही असम, मणिपुर, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम और त्रिपुरा में बौद्ध सर्किट के डेवलपमेंट के लिए एक नई स्कीम लाई जाएगी, जिसमें मंदिरों और मठों का संरक्षण, पिलग्रिम इंटरप्रिटेशन सेंटर, बेहतर कनेक्टिविटी और यात्रियों के लिए सुविधाएं शामिल होंगी।

पर्यावरण की दृष्टि से बेहतर पैसेंजर ट्रांसपोर्ट सिस्टम को बढ़ावा देने के लिए शहरों के बीच 7 हाई-स्पीड कॉरिडोर्स को ग्रोथ कनेक्टर्स के तौर पर विकसित किया जाएगा। ये कॉरिडोर्स हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी, वाराणसी-सिलीगुड़ी, मुंबई-पुणे और पुणे-हैदराबाद होंगे। बजट में तेजी से बढ़ रहे एवीजीसी सेक्टर (एनीमेशन, विज़ुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स) पर भी फोकस किया गया है। अनुमान है कि 2030 तक इस सेक्टर को करीब 20 लाख प्रोफेशनल्स की जरूरत होगी। इसके लिए मुंबई स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजी को 15,000 सेकेंडरी स्कूल्स और 500 कॉलेजों में एवीजीसी कंटेंट क्रिएटर लैब्स स्थापित करने में मदद दी जाएगी।

खेलों के क्षेत्र में सरकार ने खेलो इंडिया मिशन शुरू करने का प्रस्ताव रखा है। इस मिशन का उद्देश्य खेल प्रतिभाओं को पहचान से लेकर प्रोफेशनल लेवल तक उनका विकास करना है। इसके तहत कोचेज़ और सपोर्ट स्टाफ का डेवलपमेंट, स्पोर्ट्स साइंस और टेक्नोलॉजी का इंटीग्रेशन, कॉम्पिटिशन और लीग्स के जरिए स्पोर्ट्स कल्चर को बढ़ावा देना और स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना शामिल है। कुल-मिलाकर यह बजट हर उस क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, जिसमें भारत पहले से ही बेहतर है या और अधिक बेहतर करने की संभावना है

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