संसद का बजट सत्र 2026 आज यानि 28 जनवरी से शुरू हो गया है। बजट सत्र की शुरूआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण से हुई। राष्ट्रपति ने संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा को संयुक्त रूप से संबोधित किया। राष्ट्रपति के इस अभिभाषण के साथ बजट सत्र की औपचारिक शुरूआत हो चुकी है। इससे पूर्व संसद पहुंचने पर राष्ट्रपति मुर्मू को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 29 जनवरी को इकोनॉमिक सर्वे संसद में पेश किया जाएगा। इसके बाद 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण केंद्रीय बजट पेश करेंगी। ये बजट सत्र दो चरणों में आयोजित होगा। पहला चरण 28 जनवरी से 13 फरवरी तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण 9 मार्च से 2 अप्रैल तक प्रस्तावित है।
अपने भाषण में राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, "संसद के इस सत्र को संबोधित करते हुए मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। पिछला वर्ष भारत की तीव्र प्रगति और विरासत के उत्सव के रूप में यादगार रहा। पूरे देश में वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। सभी लोग बंकिम चंद्र चटर्जी को उनकी इस महान प्रेरणा के लिए नमन कर रहे हैं। मैं सभी सांसदों को बधाई देती हूं कि इस विषय पर संसद में विशेष चर्चा की गई।"
उन्होंने कहा, "देश ने श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस मनाया। बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर पूरे देश ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और आदिवासी समुदाय के प्रति उनके योगदान को याद किया। सरदार पटेल की 150वीं जयंती से संबंधित कार्यक्रमों ने 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की भावना को और मजबूत किया। पूरे देश ने देखा कि भारत रत्न भूपेन हजारिका की जयंती समारोह ने देश को संगीत और एकता की भावना से भर दिया। जब देश अपने पूर्वजों के योगदान को याद करता है, तो नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है, जिससे 'विकसित भारत' की ओर हमारा सफर और भी तेज हो जाता है।"
राष्ट्रपति मुर्मू ने आगे कहा कि, "वर्ष 2026 के साथ हमारा देश इस शताब्दी के दूसरे चरण में प्रवेश कर चुका है। भारत के लिए, इस शताब्दी के पहले 25 वर्षों का अंत कई सफलताओं, गौरवपूर्ण उपलब्धियों और असाधारण अनुभवों से भरा रहा है। पिछले 10-11 वर्षों में, भारत ने हर क्षेत्र में अपनी नींव मजबूत की है। यह वर्ष विकसित भारत की ओर हमारी यात्रा का एक महत्वपूर्ण आधार है। बाबासाहेब अंबेडकर ने हमेशा समानता और सामाजिक न्याय पर जोर दिया। हमारा संविधान भी हमें इसी के लिए प्रेरित करता है। देश के प्रत्येक नागरिक को बिना किसी भेदभाव के अपने सभी अधिकार मिलने चाहिए। मेरी सरकार सच्चे सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध है। परिणामस्वरूप, पिछले एक दशक में 25 करोड़ नागरिक गरीबी से बाहर निकल चुके हैं। सरकार के तीसरे कार्यकाल में गरीबों को और सशक्त बनाने के अभियान को और भी तेजी से आगे बढ़ाया गया है।"
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आगे कहती हैं, "मेरी सरकार दलितों, पिछड़ों, आदिवासी समुदाय और सभी के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है। 'सबका साथ सबका विकास' का दृष्टिकोण हर नागरिक के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डाल रहा है। 2014 की शुरुआत में, सामाजिक सुरक्षा योजनाएं केवल 25 करोड़ नागरिकों तक ही पहुंच पाई थीं। सरकार के प्रयासों से अब लगभग 95 करोड़ भारतीयों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिल रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और विकास के लिए विकसित भारत-ग्राम विकास कानून बनाया गया है। इस नए सुधार के साथ, गांवों में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी होगी।"