दिल्ली प्रदर्शन से स्टारलिंक तक, भाजपा के संबित पात्रा ने विपक्ष पर साधा निशाना

स्टारलिंक पर विपक्ष के नेताओं के ट्वीट पर बोलते हुए सांसद संबित पात्रा ने कहा कि यह प्रधानमंत्री मोदी बनाम मीर जाफर की लड़ाई है। ये वे लोग हैं जो सत्ता के लिए देश को भी गिरवी रख सकते हैं। सड़कों पर अराजकता फैलाने की यह कोशिश, देश को पता होना चाहिए कि वे बिना जीते, बिना चुनाव लड़े सत्ता में आना चाहते हैं। वे बिना मेहनत किए प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं, भले ही इसके लिए उन्हें देश को गिरवी रखना पड़े। मीर जाफर दोहरे मापदंड अपनाने को तैयार हैं। यह मोदी बनाम मीर जाफर की लड़ाई है।

दिल्ली प्रदर्शन से स्टारलिंक तक, भाजपा के संबित पात्रा ने विपक्ष पर साधा निशाना

डॉ. संबित पात्रा ने कहा की आज भीड़तंत्र पर लोकतंत्र की विजय हुई है।

Share:

Highlights

  • संबित पात्रा ने कहा की जंतर-मंतर पर हो रहा विरोध-प्रदर्शन पूरे भारत की कहानी नहीं है।
  • संबित पात्रा ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से विपक्षी नेताओं की मुलाकात का भी जिक्र किया।
  • संबित पात्रा ने आरोप लगाया की विपक्ष बिना मेहनत किए सत्ता में आना चाहता है।

भारत की राजधानी दिल्ली में इस समय मची हलचल चर्चा का विषय बनी हुई है। इसी सिलसिले में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और BJP सांसद डॉ. संबित पात्रा ने कहा कि भारत का क्षेत्रफल 32,87,263 वर्ग किलोमीटर है, जबकि जंतर-मंतर का दायरा महज 4 किलोमीटर है। इसलिए जंतर-मंतर पर हो रहा विरोध-प्रदर्शन पूरे भारत की कहानी नहीं है। जो कुछ सोशल मीडिया हैंडल्स पर दिखाया जा रहा है, वह भारत की कहानी नहीं है। भारत शांत है और सुशासन के पथ पर आगे बढ़ रहा है। दिल्ली के एक छोटे से हिस्से में कुछ अराजक तत्व जिस प्रकार की स्थिति पैदा कर रहे हैं, उसे हम देख रहे हैं। लेकिन मैं आज स्पष्ट रूप से कह सकता हूँ कि अराजकता फैलाने वाले असफल रहे हैं।

प्रयास था कि भारत को, उसकी राजधानी को बंधक बनाया जाए। कोशिश थी कि यहां मार-पिटाई हो, कोशिश थी कि यहां सड़कों पर लड़ाई हो। मगर आज भीड़तंत्र पर लोकतंत्र की विजय हुई है। उन्होंने कल विपक्ष के प्रतिनिधिमंडल और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मुलाकात का भी जिक्र किया। संबित पात्रा ने कहा कि कल कुछ नेता राष्ट्रपति भवन गए थे। राष्ट्रपति भवन से बाहर आने के बाद राहुल गांधी का बयान एक 'नालायक नेता' जैसा था। इससे पहले कभी राष्ट्रपति को सड़क पर होने वाले विरोध-प्रदर्शन में घसीटने की कोशिश नहीं की गई थी। लेकिन एक 'नालायक नेता' ने ऐसा करने की कोशिश की। अराजकतावादी राहुल गांधी ने भारत के राष्ट्रपति को उस अराजकता में खींचने की कोशिश की, जिसे वे भारत की सड़कों पर फैलाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।

स्टारलिंक पर विपक्ष के नेताओं के ट्वीट पर बोलते हुए सांसद संबित पात्रा ने कहा कि यह प्रधानमंत्री मोदी बनाम मीर जाफर की लड़ाई है। ये वे लोग हैं जो सत्ता के लिए देश को भी गिरवी रख सकते हैं। सड़कों पर अराजकता फैलाने की यह कोशिश, देश को पता होना चाहिए कि वे बिना जीते, बिना चुनाव लड़े सत्ता में आना चाहते हैं। वे बिना मेहनत किए प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं, भले ही इसके लिए उन्हें देश को गिरवी रखना पड़े। मीर जाफर दोहरे मापदंड अपनाने को तैयार हैं। यह मोदी बनाम मीर जाफर की लड़ाई है। 

रिलेटेड टॉपिक्स