देशभर में जन्माष्टमी के भव्य उल्लास के बाद अब दही हांडी की धूम है, खासकर महाराष्ट्र में इसका उत्साह देखते ही बनता है। इस उत्सव के दौरान 'गोविंदाओं' की टोलियां हवा में ऊंचाई पर लटकाई गई दही, दूध अथवा मक्खन से भरी मटकियों तक पहुँचने के लिए इंसानी पिरामिड बनाती हैं। मटकी फोड़ने का यह रोमांचक प्रयास, बाल-गोपाल की नटखट और चंचल बाल-लीलाओं की सदियों पुरानी परंपरा को जीवंत कर देता है। महाराष्ट्र के कई शहरों और मुंबई के उपनगरों में दही हांडी के कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी घाटकोपर में आयोजित दही हांडी कार्यक्रम में शामिल हुए।
यह कार्यक्रम घाटकोपर वेस्ट में आयोजित किया गया था, जो भाजपा विधायक राम कदम का निर्वाचन क्षेत्र है। इसे भारत का सबसे बड़ा दही हांडी कार्यक्रम बताया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने वरळी में आयोजित दही हांडी उत्सव में भी भाग लिया। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, "जन्माष्टमी के मौके पर सभी देशवासियों को मेरी शुभकामनाएं। मुंबई में दही हांडी का त्योहार बहुत उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। यह आयोजन 'नशा-मुक्त भारत, नशा-मुक्त महाराष्ट्र' की थीम पर किया जा रहा है। मैं सभी गोविंदाओं को शुभकामनाएं देता हूं और सभी से अपील करता हूं कि वे इस त्योहार को खुशी और सावधानी के साथ मनाएं।"
ठाणे में भी दही हांडी उत्सव मनाया जा रहा है। इस कार्यक्रम का आयोजन परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने किया है। बॉलीवुड अभिनेता सुनील शेट्टी, भारतीय क्रिकेटर सूर्यकुमार यादव और अन्य कलाकारों ने इस उत्सव में हिस्सा लिया। मुंबई के बोरीवली में भी दही हांडी का जश्न शुरू हो गया है, जिसमें एक शानदार प्रतियोगिता हो रही है और 'गोविंदा' टीमें नकद पुरस्कार जीतने के लिए मुकाबला कर रही हैं। 85 लाख रूपए के पुरस्कार के साथ, यह कार्यक्रम मुंबई के सबसे बड़े दही हांडी उत्सवों में से एक है। हालाँकि समारोह के उत्सव के बीच कुछ हादसों की खबरें भी सामने आई हैं। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, विभिन्न दुर्घटनाओं में कुल 22 लोग घायल हुए। सभी घायलों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में किया जा रहा है।