कानपुर में नॉन-वेज खाने के आरोप में पुजारी की पिटाई, मंदिर सेवा से किया गया निष्कासित

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में बाबा श्री भूतेश्वर धाम मंदिर के पुजारी प्रशांत गिरी पर नॉन-वेज खाने का आरोप लगने के बाद विवाद खड़ा हो गया। वायरल फोटो-वीडियो के बाद नाराज़ लोगों ने मंदिर पहुंचकर उनके साथ मारपीट की। बाद में मंदिर के महंत संतोष गिरी ने उन्हें सेवा से निष्कासित कर दिया, जबकि पुजारी ने तस्वीर को एडिट कर साजिश करने का आरोप लगाया है।

कानपुर में नॉन-वेज खाने के आरोप में पुजारी की पिटाई, मंदिर सेवा से किया गया निष्कासित

मंदिर के पुजारी के साथ मारपीट भी की गई।

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Highlights

  • वायरल फोटो में नॉन-वेज खाते दिखे पुजारी, स्थानीय लोगों और भक्तों में भारी नाराजगी।
  • मंदिर परिसर में भीड़ ने घुसकर पुजारी को बाहर खींचा और मारपीट की गई।
  • मंदिर महंत ने पुजारी को सेवा से निकाला, पुलिस मामले की जांच में जुटी।

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से एक बहुत हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां मंदिर के एक पुजारी को नॉन-वेज खाने के आरोप में न सिर्फ अपनी नौकरी गंवानी पड़ी, बल्कि उन्हें लोगों से भारी विरोध का भी सामने करना पड़ा। ये घटना केशवपुरम, रावतपुर के बाबा श्री भूतेश्वर धाम मंदिर की है। दरअसल सोशल मीडिया पर पिछले एक-दो दिनों से एक फोटो-वीडियो वायरल हो रहा था। इसमें मंदिर के पंडित प्रशांत गिरी उर्फ गोलू पंडित नॉन-वेज भोजन खाते हुए दिखाई दे रहे थे। जैसे ही ये तस्वीर स्थानीय लोगों और भक्तों तक पहुंची, तो लोगों में भारी गुस्सा फैल गया। लोगों ने आरोप लगाया कि पुजारी ने धार्मिक आस्था के साथ छेड़छाड़ की है। रविवार रात भक्तों का ये गुस्सा और बढ़ गया, जब मंदिर परिसर में करीब 50-60 लोग इकठ्ठा हो गए।

भीड़ ने पुजारी को बाहर बुलाने की कोशिश की। जब बुलाने पर वे बाहर नहीं आए, तो कुछ लोग जबरन मंदिर के अंदर घुस गए। जानकारी के मुताबिक, पुजारी को मंदिर के कमरे से घसीटकर बाहर लाया गया और उनके साथ मारपीट की गई। पास ही मौजूद महिलाएं जब पुजारी को बचाने के लिए आगे आईं तो भीड़ ने उन्हें भी थप्पड़ मारे। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह पुजारी को भीड़ के चंगुल से छुड़ाया और किसी तरह उन्हें थाने ले गई। इस बीच, पुजारी ने पुलिस के सामने दावा किया है कि कुछ लोग उन्हें मंदिर से हटाने की साजिश रच रहे हैं। उनका कहना है कि उनकी पुरानी तस्वीर को एडिट करके वायरल किया गया है ताकि उन्हें बदनाम किया जा सके। प्रशांत गिरी रविवार रात को ही पुलिस स्टेशन में अपनी शिकायत दर्ज करा चुके हैं।

इस पूरे विवाद के बाद मंदिर के मुख्य पुजारी और महंत संतोष गिरी ने कड़ा फैसला लेते हुए प्रशांत गिरी को निष्कासित कर दिया। संतोष गिरी ने कहा, “मंदिर का महंत मैं हूं, मेरा बेटा नहीं। जैसे ही मुझे पता चला कि उसने नॉन-वेज भोजन किया है, मैंने उसे मंदिर की सेवा से निकाल दिया।” गिरी ने बताया कि पुलिस द्वारा उनके बेटे के खिलाफ एहतियाती कार्रवाई शुरू किए जाने के बाद से उनका उससे कोई संपर्क नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता कि मेरा बेटा अब कहां है। मैं बहुत परेशान हूं और सब कुछ बाबा भूतेश्वर पर छोड़ रहा हूं।” फिलहाल पुलिस ने इस मामले में शांति भंग करने के आरोप में कार्रवाई शुरू की और मामले की जांच जारी है।

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