भारत की राजधानी दिल्ली में इन दिनों राजनीतिक गतिविधियां तेज हो चुकी हैं। विपक्षी INDIA गठबंधन के सदस्य भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरोध में सड़कों पर उतर आए हैं। इससे पहले INDIA गठबंधन के सांसदों ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा आयोजित लंच मीटिंग में हिस्सा लिया। इसमें राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई अन्य नेता भी नजर आए।
लंच मीटिंग के बाद खरगे ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि आज हम जंतर-मंतर पर धरना देंगे। जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, हम ऐसे विरोध-प्रदर्शन जारी रखेंगे। चुनाव आयोग की बार-बार की गलतियां और प्रधानमंत्री मोदी के इशारे पर हो रही हरकतें यह दिखाती हैं कि वे देश में लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। वे संविधान की भी परवाह नहीं करते। इसलिए, हमने तय किया है कि लोगों की आवाज पूरे देश तक पहुंचनी चाहिए। यही हमारा काम है।
राहुल और खरगे INDIA गठबंधन के साथ एक बस में सवार होकर जंतर-मंतर की ओर भी बढ़े। कांग्रेस ने X पर एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, "अब लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई जंतर-मंतर से लड़ी जाएगी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और नेता विपक्ष राहुल गांधी के साथ INDIA गठबंधन के सांसद जंतर-मंतर से गद्दार ज्ञानेश के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। ज्ञानेश को इस्तीफा देना होगा, जेल जाना होगा।"
हालांकि बस को बीच में ही रुकवा दिया गया गया। जंतर-मंतर के पास भारी सुरक्षाबल भी तैनात किया गया है। कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि हमें रोका जा रहा है। हम चाहते हैं कि ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ FIR दर्ज हो, क्योंकि उन्होंने लोगों के अधिकार छीने हैं। पूरा देश सड़कों पर उतर रहा है और राहुल गांधी ने हर जगह 'वोट चोरी' का मुद्दा उठाया है।
वहीं कांग्रेस के अमर सिंह ने कहा कि आप देख सकते हैं कि सांसदों में कैसा जोश है। प्रधानमंत्री मोदी का राज है और वे, उनकी सारी पुलिस हमें रोक रही है। हमें कहीं तो आंदोलन करने दीजिए। ज्ञानेश कुमार हमसे क्यों नहीं मिल सकते, यह बताएं? राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को केस होने से कोई फर्क नहीं पड़ता है। चुनाव आयोग को हमसे मिलना चाहिए। हम शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे हैं, तो हमें विरोध करने देना चाहिए।
हम जंतर-मंतर जाना चाहते हैं, जो विरोध-प्रदर्शन के लिए अधिकृत जगह है। तो हमें जाने दें, क्या समस्या है? कल उन्होंने हमें मिलने नहीं दिया और आज वे हमें जाने नहीं दे रहे हैं। वहीं धर्मवीर गांधी ने कहा कि सरकार लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करने पर अड़ी हुई है। विपक्ष 60% जनता का प्रतिनिधित्व करता है। चुने हुए प्रतिनिधियों से सड़कों पर उतरने और अपनी आवाज उठाने का अधिकार छीना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, जंतर-मंतर पर BNS की धारा 163 लागू कर दी गई है और सुरक्षा कर्मियों से कहा गया है कि वे सांसदों के साथ सम्मान से पेश आएं। ताजा घटनाक्रम में, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य महिला नेता सड़क पर लेट गईं, क्योंकि पुलिस ने उन्हें विरोध प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर जाने से रोक दिया। राहुल गांधी को भी हिरासत में लिया गया है।