भारत ने रूसी तेल खरीद रोकने की खबरों को नकारा, टैरिफ दबाव के बीच ऊर्जा नीति पर जोर

भारत ने रूसी तेल आयात रोकने की खबरों को पूरी तरह से गलत बताया है, यह बोलते हुए कि उसकी ऊर्जा खरीद बाजार और राष्ट्रीय हितों पर आधारित है। सरकारी रिफाइनरियां रूस से तेल खरीद अब भी जारी है। अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने तेल खरीद रोकने की अफवाह का स्वागत किया, लेकिन भारत पर 25% टैरिफ और अतिरिक्त जुर्माना लगाने की घोषणा की, जो अब 7 अगस्त से लागू कर दिया जाएगा।

भारत ने रूसी तेल खरीद रोकने की खबरों को नकारा, टैरिफ दबाव के बीच ऊर्जा नीति पर जोर

रूस से तेल खरीदी की रोक को भारतीय सरकार ने नकारा

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Highlights

  • भारत ने रूसी तेल आयात रोकने की खबरों को खारिज किया।
  • सरकारी रिफाइनरियां (IOC, HPCL, BPCL, MRPL) रूसी तेल खरीद जारी हैं।
  • भारत ने ऊर्जा सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बाजार आधारित खरीद नीति पर जोर दिया।

नई दिल्ली: अमेरिका के टैरिफ दबाव एवं रूस से कच्चे तेल की खरीद को लेकर चल रही अटकलों के मध्य भारत ने साफ़ कर दिया है कि उसने रूसी तेल आयात पर कोई रोक नहीं लगाई गई है। बीते गुरुवार यानि 31 जुलाई 2025 को एक सरकारी बयान में बोला गया कि भारत की ऊर्जा खरीद बाजार की ताकतों और राष्ट्रीय हितों से जुड़ा हुआ है। सूत्रों ने उन खबरों को खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया गया था कि भारतीय सरकारी तेल रिफाइनरी कंपनियों ने रूस से कच्चे तेल की खरीद अस्थायी रूप से रोकी गई है।

रिपोर्ट्स की माने तो भारतीय तेल रिफाइनरी कंपनियां, जैसे इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC), हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (HPCL), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (BPCL), और मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (MRPL), रूसी आपूर्तिकर्ताओं से तेल खरीद जारी रखे हुए हैं। इन कंपनियों के आपूर्ति निर्णय कीमत, कच्चे तेल की गुणवत्ता, भंडार, रसद, और अन्य आर्थिक कारकों पर आधारित हैं। इतना ही नहीं इसके पहले बीते गुरुवार यानि 31 को एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि उक्त सरकारी रिफाइनरियों ने बीते सप्ताह से रूसी तेल आयात को रोक दिया गया  एवं अब वे मध्य पूर्व और पश्चिम अफ्रीका, जैसे अबू धाबी के मुरबान क्रूड, की ओर रुख करने लगी है। यह दावा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के पश्चात आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि "सुना है कि भारत अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा," और इसे एक "अच्छा कदम" बताया। इतना ही नहीं इस बारें में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा है कि वह इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं कर सकते, लेकिन अगर यह सच है तो यह सकारात्मक है।

अमेरिका ने बुधवार को भारत पर 25% टैरिफ लगाने का एलान किया था, जो पहले 1 अगस्त से लागू होने जा रहा है, लेकिन अब इसे 7 अगस्त तक टाल दिया गया है। डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से तेल और रक्षा आयात को लेकर अतिरिक्त जुर्माने की भी बात बोली, ताकि रूस की अर्थव्यवस्था को कमजोर कर यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने का दबाव बनाया जा सके। भारत ने इस दबाव के बावजूद अपनी ऊर्जा सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बोला है कि वह बाजार की स्थिति और राष्ट्रीय हितों के आधार पर तेल खरीद जारी रखने वाला है। इतना ही नहीं विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस बारें में कहा है कि, "हमारी ऊर्जा खरीद बाजार की पेशकश और वैश्विक परिस्थितियों पर आधारित है।" उन्होंने भारत-रूस संबंधों को मजबूत और दीर्घकालिक बताते हुए भारत-अमेरिका संबंधों के गहरे होने की भी बात दोहराई।

 

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