कोलंबिया के बुकारामंगा में आयोजित 56वें इंटरनेशनल फिजिक्स ओलंपियाड (IPhO) में भारतीय टीम के पांचों सदस्यों ने गोल्ड मेडल जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। 80 से अधिक देशों के 300 से ज्यादा छात्रों को पछाड़कर, भारत ने रूस, दक्षिण कोरिया, ताइवान, कजाकिस्तान और चीन के साथ संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल किया। विजेताओं में इंदौर से रिद्धेश अनंत बेंडाले, पुणे से कनिष्क जैन, द्वारका (नई दिल्ली) से ऋषित गर्ग, मुंबई से श्रेष्ठ सुरैया और अहमदाबाद से स्वरित जोशी शामिल हैं। स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी आज उन्हें बधाई दी है।
X पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, "हमारे युवाओं का शानदार प्रदर्शन! कोलंबिया के बुकारामांगा में आयोजित 56वीं इंटरनेशनल फिजिक्स ओलंपियाड (IPhO) 2026 में गोल्ड मेडल जीतने वाले भारतीय दल, कनिष्क जैन, रिद्धेश अनंत बेंडले, ऋषित गर्ग, श्रेष्ठ सुरैया और स्वरित जोशी को बधाई। उनकी यह उपलब्धि हमारी युवा शक्ति की असीम क्षमता और विज्ञान व रिसर्च के प्रति उनके जुनून का एक और उदाहरण है। यह बात भी उतनी ही सराहनीय है कि पिछले दशक में हमारे छात्रों ने इस प्लेटफॉर्म के अलग-अलग संस्करणों में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है।"
भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा विभाग (DAE) के सचिव एवं भारत के परमाणु ऊर्जा आयोग (AEC) के अध्यक्ष अजीत कुमार मोहंती ने भी विजेताओं को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि, हमारे युवा फिजिसिस्ट की यह शानदार उपलब्धि देश के लिए बहुत गर्व की बात है। इंटरनेशनल फिजिक्स ओलंपियाड में पांच गोल्ड मेडल जीतना और संयुक्त रूप से दुनिया में पहला स्थान हासिल करना हमारे छात्रों की प्रतिभा, लगन और वैज्ञानिक सोच का सबूत है।
उन्होंने आगे कहा कि यह होमी भाभा सेंटर फॉर साइंस एजुकेशन-टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (HBCSE-TIFR) ओलंपियाड प्रोग्राम की अटूट प्रतिबद्धता को भी दिखाता है। मैं इस बेहतरीन उपलब्धि के लिए छात्रों, उनके माता-पिता, शिक्षकों और मेंटर्स को बधाई देता हूं। उनकी सफलता अनगिनत युवा मस्तिष्कों को विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित करती है और वैज्ञानिक शिक्षा और इनोवेशन में भारत की बढ़ती लीडरशिप को और मजबूत करती है। DAE ने टीम लीडर प्रो. अन्वेश मजूमदार और डॉ. लीना जोशी तथा साइंटिफिक ऑब्जर्वर प्रो. आनंद दासगुप्ता और निशा केलकर को भी बधाई दी है।