वियतनाम में नाव हादसे में जान गंवाने वाले 15 भारतीयों के शव आज लाए जाएंगे भारत

बचे हुए लोगों ने घटना स्थल पर समय पर मेडिकल तैयारी और प्रशिक्षित स्टाफ की कमी पर अपना गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने बताया कि समुद्र से निकाले गए साथी यात्रियों की जान बचाने की बेताब कोशिश में उन्हें खुद ही CPR देना पड़ा।

वियतनाम में नाव हादसे में जान गंवाने वाले 15 भारतीयों के शव आज लाए जाएंगे भारत

इस दर्दनाक हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई।

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Highlights

  • 32 भारतीय पर्यटकों को ले जा रही एक स्पीडबोट हॉन मे रुट न्गोई के नजदीक पलट गई।
  • इस दुखद घटना के बाद सत्रह लोगों को बचा लिया गया है।
  • मृतकों में केरलम, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के रहने वाले लोग शामिल थे।

वियतनाम के फु क्वोक (Phú Quốc) द्वीप के पास स्पीडबोट हादसे में मारे गए 15 भारतीय नागरिकों के शव आज भारत लाए जाएंगे। वियतनाम में भारतीय दूतावास ने ये जानकारी दी। X पर इसकी जानकारी देते हुए उन्होंने लिखा कि, "11 जुलाई को बोट एक्सीडेंट में दुखद रूप से जान गंवाने वाले 15 भारतीय नागरिकों के शव आज वियतनाम एयरलाइंस की फ्लाइट VN979 से हो ची मिन्ह सिटी से भारत लाए जाएंगे। यह फ्लाइट स्थानीय समयानुसार शाम 6.00 बजे हो ची मिन्ह सिटी से रवाना होगी और भारतीय समयानुसार रात 9.35 बजे मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचेगी। संबंधित राज्य सरकारों को सूचित कर दिया गया है और उनसे अनुरोध किया गया है कि वे शवों को उनके अंतिम गंतव्य तक पहुंचाने के लिए पीड़ित परिवारों के साथ समन्वय करें।"

यह हादसा शनिवार को हुआ, जब 32 भारतीय पर्यटकों को ले जा रही एक स्पीडबोट फु क्वोक द्वीप के पास 'हॉन मे रुट न्गोई' (Hòn Mây Rút Ngoài) के नजदीक पलट गई। इस घटना में 15 भारतीयों और चार स्थानीय क्रू सदस्यों की मौत हो गई, जबकि 17 लोगों को बचा लिया गया। मृतकों में केरलम, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के रहने वाले लोग शामिल थे। उनकी पहचान सेंथिल कुमार, मुरुगा प्रभु, श्रीधर सुंदरराजन, शेख अब्दुल्ला, बालाजी, विनय कुमार, रविशंकर, संतोष कुमार, बाबू और अलगुराजन (सभी तमिलनाडु से), नल्लापेटा आदिशेषैया, श्रीधर मुडियम और जयलक्ष्मी (सभी आंध्र प्रदेश से) और अविकोट चेरियन थॉमस एवं लोवेनी थॉमस (दोनों केरलम से) के तौर पर हुई है।

बचे हुए लोगों ने घटना स्थल पर समय पर मेडिकल तैयारी और प्रशिक्षित स्टाफ की कमी पर अपना गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने बताया कि समुद्र से निकाले गए साथी यात्रियों की जान बचाने की बेताब कोशिश में उन्हें खुद ही CPR देना पड़ा। एक बचे हुए व्यक्ति ने कहा, "हम लगभग 105 लोग थे। हम वियतनाम के एक द्वीप पर गए थे और तीन नावों में दूसरे द्वीप के लिए निकल रहे थे। सिर्फ एक किलोमीटर चलने के बाद, नाव में कोई खराबी आ गई और वह अचानक पलट गई। नाव में 34 लोग सवार थे, जिनमें से 15 को बचा लिया गया। बाकी लोग डूब गए।"

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