राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का हिमाचल दौरा, AIIMS बिलासपुर के दीक्षांत समारोह में हुई शामिल, अटल टनल भी पहुंची

राष्ट्रपति ने कहा कि अपनी भौगोलिक स्थिति की वजह से AIIMS बिलासपुर की एक खास जिम्मेदारी है। हिमाचल प्रदेश के दूर-दराज इलाकों में रहने वाले लोगों तक समय पर अच्छी स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाना एक बड़ी और कई तरह की चुनौतियों वाली बात है। उन्होंने कहा कि AIIMS बिलासपुर को एडवांस्ड टर्शियरी हेल्थकेयर के एक प्रमुख केंद्र के तौर पर उभरना चाहिए।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का हिमाचल दौरा, AIIMS बिलासपुर के दीक्षांत समारोह में हुई शामिल, अटल टनल भी पहुंची

अटल टनल का उद्घाटन 2020 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था।

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Highlights

  • राष्ट्रपति मुर्मू आज कुल्लू जिले के प्रसिद्ध हिडिम्बा देवी मंदिर में भी दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगी।
  • राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा किकी अटल टनल वैश्विक स्तर का एक इंजीनियरिंग चमत्कार है जिसे BRO ने समर्पण के साथ बनाया है।
  • राष्ट्रपति मुर्मू ने AIIMS बिलासपुर के दीक्षांत समारोह में कहा की चिकित्सा पेशे का उद्देश्य मानवता की सेवा करना होना चाहिए।

हिमाचल प्रदेश से एक बड़ी खबर सामने आई है। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 6 से 8 अक्टूबर तक राज्य के दौरे पर हैं। 6 अक्टूबर को बिलासपुर पहुंचने पर हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने उनका स्वागत किया। उन्होंने आज रोहतांग में अटल टनल का दौरा किया। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण अटल टनल, जो मनाली को लाहौल-स्पीति घाटी से साल भर जोड़े रखती है, का उद्घाटन 2020 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था।

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि अटल टनल वैश्विक स्तर का एक इंजीनियरिंग चमत्कार है, जिसे बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) ने बेहतरीन समर्पण के साथ बनाया है। यह शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर भारत की तकनीकी क्षमता, दृढ़ संकल्प और सबसे मुश्किल इलाकों में भी निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। राष्ट्रपति मुर्मू आज कुल्लू जिले के प्रसिद्ध हिडिम्बा देवी मंदिर में भी दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगी। उन्होंने कल ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (AIIMS) बिलासपुर के प्रथम दीक्षांत समारोह में भी हिस्सा लिया।

इस मौके पर राष्ट्रपति ने कहा कि चिकित्सा पेशे का मुख्य उद्देश्य मानवता की सेवा करना होना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जब कोई बीमार व्यक्ति डॉक्टर के पास जाता है, तो वह अपनी बीमारी से जुड़े डर और अनिश्चितता के साथ-साथ उम्मीद भी लेकर जाता है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों के ज्ञान और कौशल से मरीज का इलाज तो होता ही है, लेकिन उनके सहानुभूतिपूर्ण और दयालु व्यवहार से मरीज को हिम्मत भी मिलती है।

उन्होंने डॉक्टरों से अपील की कि वे अपने पेशे में बेहतरीन काम करने की कोशिश के साथ-साथ संवेदनशीलता और करुणा को भी अपनाएं। राष्ट्रपति ने कहा कि कम लागत में अच्छी मेडिकल सुविधाएँ देना AIIMS की पहचान है। उन्होंने कहा कि देश के लोगों के लिए AIIMS का मतलब देश के सबसे काबिल डॉक्टरों से इलाज मिलना है। उन्होंने बताया कि देश के अलग-अलग हिस्सों में कई AIIMS खोले गए हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस भरोसे का फायदा उठा सकें और ज्यादा होनहार छात्रों को बेहतरीन मेडिकल शिक्षा मिल सके और वे देश की सेवा कर सकें।

राष्ट्रपति ने कहा कि अपनी भौगोलिक स्थिति की वजह से AIIMS बिलासपुर की एक खास जिम्मेदारी है। हिमाचल प्रदेश के दूर-दराज इलाकों में रहने वाले लोगों तक समय पर अच्छी स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाना एक बड़ी और कई तरह की चुनौतियों वाली बात है। उन्होंने कहा कि AIIMS बिलासपुर को एडवांस्ड टर्शियरी हेल्थकेयर के एक प्रमुख केंद्र के तौर पर उभरना चाहिए। उन्होंने पहाड़ी इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए टेलीमेडिसिन, दूर-दराज इलाकों के लिए स्पेशलिस्ट से सलाह, मेडिकल स्टाफ की ट्रेनिंग और नई टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर जोर दिया।

राष्ट्रपति ने कहा कि आम लोगों के लिए किसी गंभीर बीमारी के इलाज का खर्च उठाना एक भारी आर्थिक बोझ होता है। समाज के कमजोर वर्गों की इस मुश्किल को कम करने के लिए, भारत सरकार आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत हर परिवार को हर साल 5 लाख रूपए तक का हेल्थ इंश्योरेंस कवर देती है। राष्ट्रपति ने कहा कि नागरिकों को किफायती दाम पर अच्छी स्वास्थ्य सेवाएँ देना सबकी मिली-जुली जिम्मेदारी है। मेडिकल उपकरणों और दवाओं की बढ़ती कीमतें मरीजों और उनके परिवारों के लिए एक बड़ी चुनौती हैं।

AIIMS जैसे प्रमुख संस्थानों के लिए किफायती, सुलभ और कम लागत वाले हेल्थकेयर समाधान विकसित करना एक चुनौती और एक अवसर, दोनों है। ऐसी कोशिशों से हमारे नागरिक स्वस्थ रहेंगे और अपनी पूरी क्षमता के साथ देश की प्रगति में योगदान दे सकेंगे।

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