भारत की राजधानी दिल्ली में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं। आज कांग्रेस पार्टी और INDIA गठबंधन के नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। गठबंधन के सांसदों ने संसद के मकर द्वार से भारतीय चुनाव आयोग (ECI) मुख्यालय तक 'सेव डेमोक्रेसी मार्च' निकाला। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने आकाशवाणी भवन के पास उनका मार्च रोक दिया। इस विरोध प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी (SP), ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (MAITC), शिवसेना-उद्धव बाळासाहेब ठाकरे (SS-UBT), मरुमलारची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (MDMK) समेत कई अन्य दलों ने भी हिस्सा लिया।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने दावा किया कि हम जो आंदोलन चला रहे हैं और राहुल गांधी ने जिस मुद्दे पर जोर दिया है, वह देश के युवाओं, महिलाओं, किसानों और गरीबों के अधिकारों से जुड़ा है। हमारे लोगों ने संघर्ष, जेल और फांसी का सामना करके जो आजादी हासिल की थी, उसे अब सक्रिय रूप से छीना जा रहा है। सत्ता में बने रहने के लिए, वो (BJP) हर संभव तरीके से लोगों के अधिकार छीन रही है। उन्होंने हमारे लोगों को गुमराह करके सत्ता में आने की कोशिश की। जिस गलत तरीके से उन्होंने पद संभाला और सत्ता पर कब्जा किया, उसे देखते हुए मैं यह कहता हूं कि उन्हें तुरंत पद छोड़ देना चाहिए, वरना पूरे देश में हंगामा मच जाएगा। इस देश की जनता चुप नहीं बैठेगी। यह उन्हें मेरी चेतावनी है।
INDIA गठबंधन के सांसदों के विरोध-प्रदर्शन के बीच, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा भारत निर्वाचन आयोग के कार्यालय तक पहुंचने की कोशिश में आकाशवाणी भवन के गेट पर पहुंचे। फिलहाल दोनों नेता आकाशवाणी भवन परिसर के अंदर बैठे हुए हैं। दोनों को कुछ समय पुलिस हिरासत में भी लिया गया था। SP के प्रमुख अखिलेश यादव, MAITC के नेता डेरेक ओ'ब्रायन और अभिषेक बनर्जी और विपक्ष के अन्य नेताओं को भी हिरासत में लिया गया।
MAITC की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने आरोप लगाया कि दबाव बहुत ज्यादा है और ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा दे देना चाहिए। वह भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त नहीं, बल्कि BJP के मुख्य चुनाव आयुक्त हैं। वहीं, कांग्रेस की लोकसभा सांसद ज्योतिमणि ने कहा कि हम लाठियां और गोलियां झेलने को तैयार हैं, लेकिन हम यह पक्का करेंगे कि ये चुनाव आयुक्त पद छोड़ दें। हम चाहते हैं कि CEC ज्ञानेश कुमार हट जाएं। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया और लोकतंत्र को बर्बाद कर दिया है।
SP के लोकसभा सांसद धर्मेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग बेईमान है। चुनाव आयोग लोकतंत्र का डकैत है। मुख्य चुनाव आयुक्त अपने साथी चुनाव आयुक्तों की बात सुनने को भी तैयार नहीं हैं। आरोप चुनाव आयोग पर हैं, तो BJP सफाई क्यों दे रही है? वहीं, SS-UBT के लोकसभा सांसद अरविंद सावंत का कहना है कि हम चाहते हैं कि ज्ञानेश कुमार को हटाया जाए, चुनाव बैलेट पेपर से हों और तीसरी बात, जिन लोगों के नाम SIR से हटा दिए गए थे, उन्हें बहाल किया जाए।