प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से अपने गृह राज्य गुजरात के 3-दिवसीय दौरे पर है। इस दौरान राज्य में आस्था, संस्कृति, और विकास का एक अनोखा संगम देखने को मिलेगा। प्रधानमंत्री की इस यात्रा की शुरूआत प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ से होगी, जहां वे "सोमनाथ स्वाभिमान पर्व" में हिस्सा लेंगे। ये आयोजन ऐतिहासिक रूप से बेहद अहम है, क्योंकि इसे सोमनाथ पर पहले विदेशी आक्रमण के 1000 साल और आज़ादी के बाद पुनर्निर्माण के 75 साल पूरे होने के बाद आयोजित किया जा रहा है।
सोमनाथ में प्रधानमंत्री मोदी पूजा-अर्चना के साथ इस समारोह को संबोधित भी करेंगे। इस अवसर पर वे आयोजित "शौर्य यात्रा" के भी साक्षी बनेंगे, जिसमें 108 घोड़ों का जुलूस भी शामिल है। ये जुलूस वीरता और बलिदान को दर्शाएगा। इसके अलावा ओंकार मंत्र का सामूहिक पाठ का भी आयोजन किया गया है, जो इस समारोह को और भी दिव्य बनाएगा।
इन कार्यक्रमों के बाद वे राज्य की विकास यात्रा को भी गति प्रदान करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी राजकोट में कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्र के लिए वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। इसका उद्देश्य पश्चिमी गुजरात में निवेश और औद्योगिक विकास के नए अवसर लाना है। राजकोट के बाद प्रधानमंत्री अहमदाबाद जाएंगे। यहां वे महात्मा मंदिर मेट्रो स्टेशन पर अहमदाबाद मेट्रो के फेज 2 के बचे हुए हिस्से का उद्घाटन करेंगे, जो सेक्टर 10A से महात्मा मंदिर तक है। ये मेट्रो लाइन महात्मा मंदिर तक बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी, जिससे यात्रियों को सुविधा मिलेगी।
अंत में 12 जनवरी को प्रधानमंत्री अहमदाबाद में जर्मनी के फेडरल चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ से मिलेंगे। सुबह दोनों नेता साबरमती आश्रम जाएंगे, जिसके बाद वे साबरमती रिवरफ्रंट पर इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल में हिस्सा लेंगे। इसके बाद महात्मा मंदिर में द्विपक्षीय बातचीत होगी, जहां प्रधानमंत्री और जर्मन चांसलर भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी में हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे, जिसने हाल ही में 25 साल पूरे किए हैं।