भोपाल में किसान महाचौपाल में शामिल हुए राहुल गांधी, केंद्र सरकार पर साधा निशाना

भोपाल में आयोजित किसान महाचौपाल में राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की नीतियों और भारत-अमेरिका ट्रेड समझौते पर सवाल उठाए। राहुल गांधी ने अपने संबोधन में मोदी सरकार पर किसानों की अनदेखी और अंतरराष्ट्रीय दबाव में फैसले लेने का आरोप लगाया।

भोपाल में किसान महाचौपाल में शामिल हुए राहुल गांधी, केंद्र सरकार पर साधा निशाना

राहुल गांधी ने मंच से केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला।

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Highlights

  • भोपाल में कांग्रेस की किसान महाचौपाल में राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला।
  • भारत-अमेरिका ट्रेड समझौते को किसानों के हितों के खिलाफ बताया गया।
  • राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर अंतरराष्ट्रीय दबाव में फैसले लेने का आरोप लगाया।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे आज भोपाल दौरे पर हैं। इस दौरे का मुख्य केंद्र जवाहर चौक है, जहां कांग्रेस एक विशाल "किसान महाचौपाल" का आयोजन कर रही है। इस कार्यक्रम के जरिए कांग्रेस केंद्र सरकार की नीतियों, खासतौर पर भारत-अमेरिका के बीच हालिया ट्रेड समझौते को लेकर अपनी आवाज बुलंद कर रही है। कांग्रेस का आरोप है कि इस नए समझौते से भारत के किसानों को नुकसान होगा। इसका असर उन किसानों पर पड़ेगा जो सोयाबीन, कपास और मक्के की फसलें उगाते हैं। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि यह ट्रेड समझौता अमेरिका के दबाव में किया गया है। कांग्रेस का कहना है कि आज का कार्यक्रम देश भर के किसानों के लिए लड़ने की पार्टी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

कांग्रेस ने शिकायत की है कि पुलिस प्रशासन ने कई जगहों पर कार्यकर्ताओं और किसानों को रैली में आने से रोकने की कोशिश की है। दूसरी तरफ, भाजपा ने राहुल गांधी के इस दौरे पर तंज कसा है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जिन्हें रबी और खरीफ की फसलों का अंतर नहीं पता, वे किसानों की बात कर रहे हैं। मंच पर पहुंचने के बाद राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे को हल भेंट कर उनका स्वागत किया गया। मंच पर मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत अन्य नेता भी मौजूद रहे।

राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि इस साल इतिहास में पहली बार लोकसभा में विपक्ष के नेता को बोलने की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने कहा, "जैसे ही मैंने अपना भाषण शुरू किया, मुझे रोक दिया गया।" उन्होंने पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित किताब का जिक्र भी किया। राहुल ने कहा, "पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे ने एक किताब लिखी है, जिसमें उन्होंने जिक्र किया है कि जब चीनी टैंक भारतीय सीमा में घुस रहे थे, तब उन्होंने राजनाथ सिंह को आदेश के लिए फोन किया, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा कि अजीत डोवाल और डॉ. एस. जयशंकर ने भी जवाब नहीं दिया। युद्ध का फैसला प्रधानमंत्री लेते हैं, लेकिन प्रधानमंत्री ने जवाब नहीं दिया। वे अपने कमरे में चले गए और सेना प्रमुख से कहा कि वे जो उचित समझें, करें। सेना प्रमुख ने लिखा है कि उस दिन भारतीय सरकार ने उन्हें अकेला छोड़ दिया था।"

राहुल गांधी ने कहा, "अमेरिका के साथ ट्रेड समझौता पांच महीने तक इसलिए रूका रहा क्योंकि इसमें कृषि और कृषि उत्पाद शामिल थे। भारत के किसान, मजदूर और यहां तक कि सरकार भी ऐसा नहीं चाहती थी। शाम को संसद से निकलने के बाद मोदी ने ट्रंप को फोन किया। उन्होंने झूठ बोला, यह बहाना बनाया कि कांग्रेस की महिला सांसद उन पर हमला करने वाली हैं, लेकिन इसके बजाय उन्होंने सीधे फोन किया और कहा कि वे समझौता करने के लिए तैयार हैं।" उन्होंने आगे कहा, "अमेरिका में एपस्टीन से जुड़ी लाखों फाइलें अटकी हुई हैं, ऐसे वीडियो और मैसेज हैं जिन्हें जारी नहीं किया गया है। हरदीप सिंह पुरी का नाम उन्हें धमकाने के लिए जारी किया गया था।" राहुल ने ये भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को अनिल अंबानी के साथ अपने संबंधों पर सफाई देनी चाहिए।

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