राजस्थान के पोखरण में हुई एक्सरसाइज अग्नि वर्षा, भारतीय सेना की आधुनिक ताकत का दमदार प्रदर्शन

राजस्थान के पोखरण में आयोजित “एक्सरसाइज अग्नि वर्षा” में भारतीय सेना ने अपनी आधुनिक युद्ध क्षमता का प्रदर्शन किया। इस एक्सरसाइज में टी-90 टैंक और के-9 वज्र जैसे हथियारों का इस्तेमाल हुआ।

राजस्थान के पोखरण में हुई एक्सरसाइज अग्नि वर्षा, भारतीय सेना की आधुनिक ताकत का दमदार प्रदर्शन

इस एक्सरसाइज को 25 देशों के रक्षा विशेषज्ञों और पत्रकारों ने देखा।

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Highlights

  • पोखरण में ‘अग्नि वर्षा’ के तहत सेना ने संयुक्त युद्ध क्षमता का प्रदर्शन किया।
  • टी-90 टैंक, के-9 वज्र, अपाचे और ड्रोन सिस्टम का परीक्षण हुआ।
  • 25 देशों के रक्षा विशेषज्ञों ने भारतीय सेना की देखी ताकत।

भारतीय सेना ने हाल ही में राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में अपनी ताकत का जबरदस्त प्रदर्शन किया है। भारतीय सेना के दक्षिणी कमांड द्वारा आयोजित "एक्सरसाइज अग्नि वर्षा" के जरिए भारत ने दुनिया को दिखा दिया है कि आधुनिक युद्ध के मैदान में हमारी तैयारी कितनी सटीक और घातक है। ये अभ्यास पोखरण की फील्ड फायरिंग रेंज में आयोजित किया गया था, जहां कड़कड़ाती धूप के बीच भारतीय सैनिकों ने अपनी युद्ध कला का लोहा मनवाया। एक्सरसाइज अग्नि वर्षा का मुख्य उद्देश्य ये जांचना था कि सेना की अलग अलग इकाइयां जैसे आर्टिलरी, टैंक, ड्रोन और लड़ाकू विमान एक साथ मिलकर दुश्मन पर कैसे हमला कर सकते हैं। 

इस एक्सरसाइज में सेना ने अपने सबसे आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया। मैदान में टी-90 टैंक्स, के-9 वज्र हॉवित्जर गरजते हुए दिखाई दिए, वहीं आसमान में अपाचे हेलिकॉप्टर्स ने अपनी शक्ति दिखाई। इसके अलावा युद्ध के नए दौर को देखते हुए ड्रोन और एंटी-ड्रोन सिस्टम का भी परीक्षण किया गया। इतना ही नहीं, शारंग और बोफोर्स आर्टिलरी सिस्टम जैसे अनेक हथियारों को भी परखा गया। अग्नि वर्षा की खास बात यह रही कि इसे देखने के लिए 25 देशों के रक्षा पत्रकार और विशेषज्ञ आए थे। उन्होंने भारतीय सेना के कंबाइंड आर्म्स फॉर्मेशन की तेजी और सटीकता की जानकारी हासिल की। ये एक्सरसाइज इस बात का संकेत भी है कि भारत अब अपनी सैन्य शक्ति को वैश्विक मंच पर और अधिक मजबूत और पारदर्शी बना रहा है।

इस अभ्यास ने यह साबित कर दिया कि भारत अब केवल हथियार खरीदने वाला देश नहीं, बल्कि खुद की तकनीक विकसित करने और उसे युद्ध के मैदान में सफलतापूर्वक इस्तेमाल करने में सक्षम है। अभ्यास के दौरान स्वदेशी हथियारों पर भी जोर दिया गया। इससे यह साफ संदेश गया कि 'मेक इन इंडिया' के तहत बनी मिसाइलें और तोपें अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरी उतर रही हैं। कुल मिलाकर, 'अग्नि वर्षा' ने न केवल रेगिस्तान की सीमाओं की सुरक्षा को पुख्ता किया है, बल्कि भारतीय सेना की फायर पावर और आधुनिकता को एक नई ऊंचाई दी है।

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