7 सांसदों के भाजपा में शामिल होने के बाद AAP की प्रेस वार्ता, इसे बताया नियमों के विपरीत

संजय सिंह ने दावा किया है कि BJP अपने काम करने के तरीकों में सुधार नहीं कर रही है, यही वजह है कि जनता AAP से जुड़ रही है।

7 सांसदों के भाजपा में शामिल होने के बाद AAP की प्रेस वार्ता, इसे बताया नियमों के विपरीत

संजय सिंह को अरविंद केजरीवाल का नजदीकी माना जाता है।

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Highlights

  • AAP के संजय सिंह ने दावा किया की गुजरात में भाजपा के द्वारा हमारा नेताओं को जेल में डाला जा रहा है।
  • उन्होंने आरोप लगाया की गुजरात में AAP के उम्मीदवारों पर झूठे मामले दर्ज किए गए है।
  • संजय सिंह ने बताया की वो उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन को 7 सांसदों की सदस्यता रद्द करने के लिए एक पत्र देंगे।

आम आदमी पार्टी (AAP) के 7 राज्यसभा सांसदों ने पार्टी का दामन छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का हाथ थाम लिया है। इनमें राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और डॉ. संदीप पाठक जैसे नाम प्रमुख हैं। स्वाति मालीवाल भी BJP में शामिल होने का ऐलान कर चुकी है। वो ये भी कह चुकी हैं कि, "अब मैं एक BJP कार्यकर्ता हूँ और BJP कार्यकर्ता के रूप में काम करूंगी।" इसी कड़ी में आज AAP के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने एक प्रेस कांफ्रेंस भी की। इसमें पार्टी का गुजरात में हो रहा विस्तार और 7 सांसदों का अलग हो जाना, ये मुद्दे शामिल थे। इस प्रेस वार्ता में संजय ने बताया कि वो आज राज्यसभा के चेयरमैन और उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन को इन सांसदों की सदस्यता रद्द करने के लिए एक पत्र भी देंगे।

संजय सिंह ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि गुजरात में AAP का लगातार विस्तार हो रहा है। जनता के मुद्दों पर पार्टी जमीन पर संघर्ष कर रही है। BJP हमारे विधायकों को पकड़-पकड़कर जेल में डाल रही है। संजय ने आरोप लगाया कि AAP विधायक चैतर वसावा, गोपाल इटालिया और प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी जैसे नेताओं को जेल में डाला गया है। नगर निगम चुनावों से ठीक पहले, उन्होंने हमारे कई उम्मीदवारों के खिलाफ झूठे मामले दर्ज किए और आज BJP ने हमारे गुजरात के फेसबुक और इंस्टाग्राम पेज को सस्पेंड करवा दिया है। BJP अपने काम करने के तरीकों में सुधार नहीं कर रही है, यही वजह है कि जनता AAP से जुड़ रही है।

7 सांसदों के BJP में शामिल होने के मुद्दे पर संजय सिंह ने कहा कि ये पूरी तरह से गैर-संवैधानिक, गैर-कानूनी और नियमों के विपरीत है। उन्होंने एंटी-डिफेक्शन लॉ का जिक्र करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की टूट, स्प्लिट या ब्रेक-अवे फैक्शन विधानसभा, लोकसभा और राज्यसभा में नहीं हो सकता है। उसको कोई वैधानिक मान्यता नहीं है। संजय ने बताया कि संविधान की 10वीं अनुसूची में ये साफ तौर पर लिखा हुआ है कि किसी भी प्रकार की टूट, फिर वो वो चाहे दो-तिहाई हो, उसे कोई वैधानिक मान्यता प्राप्त नहीं है।

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