पश्चिम बंगाल में पहले चरण के चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न हो चुके हैं। 23 अप्रैल को प्रदेश की 152 सीटों पर वोटिंग हो चुकी है। अब 29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण में 142 सीटों पर मतदान होगा। इसी कड़ी में असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा ने आज राज्य की राजधानी कोलकाता में एक प्रेस वार्ता की। इसमें उन्होंने एक बार दावा किया कि भाजपा, असम में 100 और पश्चिम बंगाल में 200 सीटों पर विजय हासिल करेगी।
उन्होंने ये भी कहा कि अगर भाजपा बंगाल में 200 से अधिक सीटें जीतती है, तो भी उन्हें आश्चर्य नहीं होगा। मुख्यमंत्री हिमंता ने भी अपने आकलन में, प्रथम चरण की 152 में से 110 सीटें जीतने की बात कही है। 2026 का विधानसभा चुनाव, पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा जैसे राज्यों व देश के लिए क्यों जरुरी है, ये भी मुख्यमंत्री हिमंता ने प्रेस वार्ता में समझाया। उन्होंने बताया कि हमारे लिए सबसे चिंता का विषय है "डेमोग्राफी में परिवर्तन।"
उन्होंने बताया कि, "असम में डेमोग्राफिक चेंज बहुत तेजी से हो रहा है। असम में, मुस्लिम आबादी का अनुमान अब लगभग 40% है, जबकि हिंदू आबादी लगभग 60% है। त्रिपुरा और मेघालय में स्ट्रिक्ट ट्राइबल कानून हैं, जमीन मिलना मुश्किल है। लेकिन उनका सीधा असर असम और पश्चिम बंगाल पर पड़ता है। असम और पश्चिम बंगाल से, ये असर आगे झारखंड और बिहार तक फैलता हैं। इसीलिए इस बार पश्चिम बंगाल के चुनाव चर्चा का केंद्र बने हुए हैं और पूरा देश इन पर नजर रखे हुए है। पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत का भविष्य इस चुनाव से जुड़ा हुआ है। लोग पूछ सकते हैं कि यह इतना महत्वपूर्ण क्यों है। इसका मुख्य कारण बॉर्डर पर फेंसिंग लगाना है। अगर आप आज देखें, तो पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और विपक्ष, हर मुद्दे पर केंद्र सरकार के साथ टकराव की स्थिति में रहे हैं।"
इस प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री हिमंता ने कुछ आंकड़े भी सबके सामने पेश किए। उन्होंने बताया कि उत्तर दिनाजपुर जिले में रजिस्टर्ड वोटरों की संख्या में 105% की बढ़ोतरी हुई है। यह एक सीमावर्ती जिला है। मालदा में रजिस्टर्ड वोटरों की संख्या में 94.58% की बढ़ोतरी हुई है। मुर्शिदाबाद में रजिस्टर्ड वोटरों की संख्या में 87.65% की बढ़ोतरी हुई है। दक्षिण 24 परगना में यह 83.30%, जलपाईगुड़ी में 82%, कूच बिहार में 76%, उत्तर 24 परगना में 72%, नदिया में 71% और दक्षिण दिनाजपुर में 70% है।"
उन्होंने कहा कि अगर देश को बचाना और डेमोग्राफी को बचाना है, तो हमें BJP को सत्ता में लाना होगा। वरना, अगले 20 सालों में पूर्वी भारत बांग्लादेशी मुसलमानों का कब्जा हो जाएगा।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) को भारत की तुलना में बांग्लादेश में ज्यादा वोट मिलेंगे। इसीलिए, TMC की 90% पॉलिसी मेकिंग बांग्लादेशी मुस्लिम घुसपैठियों द्वारा की जाती है।