ममता का कत्ल : अवैध संबंध छुपाने के लिए मां ने ली तीन साल के बेटे की जान

जांच में यह साफ हो गया कि विवाहेत्तर संबंध (Extramarital Affair) उजागर होने के डर से ज्योति ने यह खौफनाक कदम उठाया था। पुलिस ने प्रेमी उदय को भी आरोपी बनाया था, लेकिन उसके खिलाफ पर्याप्त सबूत न मिलने के कारण कोर्ट ने उसे बरी कर दिया।

ममता का कत्ल : अवैध संबंध छुपाने के लिए मां ने ली तीन साल के बेटे की जान

अवैध संबंध को छुपाने के लिए ज्योति ने अपने बेटे जतिन की हत्या कर दी।

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Highlights

  • Extramarital Affair के खुलासे के डर से एक मां ने अपने ही बेटे को छत से नीचे फेंक दिया।
  • ग्वालियर के इस खौफनाक मामले में कोर्ट ने आरोपी ज्योति राठौर को उम्रकैद की सजा सुनाई।
  • ज्योति के प्रेमी उदय इंदौलिया को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया है।

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में साल 2023 में हुई एक दिल दहला देने वाली घटना में आखिरकार कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। यह मामला एक माँ, ज्योति राठौर, द्वारा अपने ही तीन वर्षीय बेटे जतिन की हत्या से जुड़ा है। कोर्ट ने इस मामले में आरोपी माँ को उम्रकैद की सज़ा सुनाई है, जबकि एक अन्य आरोपी और ज्योति के प्रेमी उदय इंदौलिया को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया है। यह घटना 28 अप्रैल 2023 की है। जांच में सामने आया था कि विवाहित महिला ज्योति राठौर का अपने पड़ोसी उदय इंदौलिया के साथ प्रेम संबंध था। घटना वाले दिन घर में एक कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान ज्योति छत पर अपने प्रेमी से मिलने गई थी। उसके पीछे-पीछे उसका तीन वर्षीय बेटा जतिन भी छत पर पहुंच गया।

जांच के मुताबिक, जतिन ने अपनी माँ को उदय के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया। इस बात का डर कि कहीं जतिन यह सब अपने पिता को न बता दे, घबराहट और तनाव में आकर ज्योति ने अपने ही सगे बेटे को दो मंज़िला छत से नीचे फेंक दिया। गिरने के बाद जतिन के सिर में गंभीर चोटें आईं। परिजन उसे तुरंत स्थानीय अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान एक दिन बाद उसकी मौत हो गई। जतिन के पिता ध्यान सिंह, जो स्वयं एक पुलिस कॉन्स्टेबल हैं, शुरुआत में इस घटना को एक हादसा ही मान रहे थे।

बेटे की मौत के बाद ज्योति मानसिक रूप से परेशान रहने लगी थी। वह रात में घबराकर उठ जाती और अपने पति से कहती कि जतिन की आत्मा उसे सपनों में दिखाई देती है। अंततः ज्योति ने रोते हुए अपने पति के सामने यह स्वीकार कर लिया कि उसने गुस्से में अपने बेटे को छत से नीचे फेंक दिया था। इसके बाद ध्यान सिंह ने यह फैसला लिया कि वह अपनी पत्नी को सज़ा ज़रूर दिलाएगा। उसने धीरे-धीरे ज्योति से बातचीत की रिकॉर्डिंग करना शुरू कर दी और अन्य सबूत भी जुटाए। इन्हीं सबूतों के आधार पर पुलिस ने अपनी जांच को आगे बढ़ाया।

पूछताछ के दौरान ज्योति अपने बयान बार-बार बदलती रही, जिससे उस पर शक और गहराता चला गया। आखिरकार जांच में यह साफ हो गया कि विवाहेत्तर संबंध (Extramarital Affair) उजागर होने के डर से उसने यह खौफनाक कदम उठाया था। पुलिस ने प्रेमी उदय को भी आरोपी बनाया था, लेकिन उसके खिलाफ पर्याप्त सबूत न मिलने के कारण कोर्ट ने उसे बरी कर दिया। यह मामला सचमुच पूरी मानवता को शर्मसार करने वाला है। आज के समय में लोग संतान प्राप्ति के लिए भगवान की पूजा-पाठ, आईवीएफ, गोद लेने जैसी तमाम कोशिशें करते हैं और यहां एक माँ ने अपने पाप छुपाने के लिए अपनी ही ममता का गला घोंट दिया। यह घटना सोचने पर मजबूर करती है कि समाज किस दिशा में जा रहा है और ऐसी घटनाओं का सिलसिला आखिर कहां जाकर थमेगा। इसके अलावा पीड़ित को न्याय मिलने में इतना समय लगना भी हमारे न्यायतंत्र पर सवाल खड़े करता है

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