नेपाल चुनाव में बड़ा उलटफेर, राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी 105 सीटों पर आगे, पूर्व प्रधानमंत्री ओली चल रहे पीछे

नेपाल के चुनावी रुझानों में बालेन्द्र शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) बड़ी ताकत बनकर उभरती दिख रही है। RSP इस समय 105 सीटों पर आगे है। अगर यही रुझान जारी रहे तो नेपाल की राजनीति में बड़ा बदलाव संभव है।

नेपाल चुनाव में बड़ा उलटफेर, राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी 105 सीटों पर आगे, पूर्व प्रधानमंत्री ओली चल रहे पीछे

बालेन्द्र शाह इस समय 8,261 वोटों से आगे चल रहे है।

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Highlights

  • बालेन्द्र शाह की पार्टी RSP 105 सीटों पर आगे, रन्जु दर्शना काठमांडू 1 सीट से हुई विजयी
  • झापा-5 सीट पर बालेन्द्र शाह 10,466 वोटों के साथ पूर्व प्रधानमंत्री ओली से 8,261 वोटों से आगे।
  • पुरानी पार्टियां पीछे, नेपाली कांग्रेस 11 और CPN (UML) भी 11 सीटों पर आगे।

नेपाल में इस समय चुनावी सरगर्मी तेज है और नतीजों के जो शुरूआती रुझान आ रहे हैं, उन्होंने सबको चौंका दिया है। सबसे बड़ी खबर ये है कि काठमांडू के पूर्व मेयर और रैपर बालेन्द्र शाह की पार्टी, राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) इस समय एक बड़ी ताकत बनकर उभर रही है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, RSP इस समय 105 सीटों पर आगे चल रही है और उसने 3 सीट पर जीत भी दर्ज कर ली है। RSP की रन्जु दर्शना काठमांडू 1 सीट से 9,091 वोटों से जीत चुकी हैं। जानकारी के लिए बता दें कि पिछले साल हुए Gen-Z Protests के बाद पहली बार नेपाल में आम चुनाव हो रहे हैं। बालेन्द्र शाह, जो स्थानीय युवाओं में बहुत लोकप्रिय है, वो स्वयं भी झापा-5 सीट से पूर्व प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। 

ताजा जानकारी के मुताबिक, बालेन्द्र शाह के. पी. शर्मा ओली से 8,261 वोटों से आगे चल रहे हैं। बालेन्द्र 10,466 वोटों के साथ पहले और ओली 2,205 वोटों के साथ इस समय दूसरे स्थान पर बने हुए हैं। अन्य पार्टियों की बात करें तो नेपाली कांग्रेस इस समय 11 सीटों पर आगे है और उन्होंने भी 1 सीट पर विजय प्राप्त कर ली है। इस पार्टी के योगेश गौचन थकाली मुस्ताङ 1 सीट से विजयी हो चुके हैं। उन्होंने नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (यू.एम.एल) [CPN (UML)] के इंद्र धारा दादु बिस्ता को 1,501 वोटों से पराजित कर दिया है। योगेश को इस चुनाव में 3,307, वहीं इंद्र को 1,806 वोट प्राप्त हुए थे। वहीं पूर्व प्रधानमंत्री ओली की CPN (UML) भी इस समय 11 सीटों पर आगे हैं। अन्य दलों की बात करें तो नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (NCP) 9, राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (RPP) 1, जनता समाजवादी पार्टी-नेपाल 1 और श्रम संस्कृति पार्टी (SSP) 4 सीटों पर आगे है।

नेपाल के लोग, खासकर युवा पीढ़ी, अब पुराने चेहरों और पारंपरिक राजनीति से ऊब चुकी है। भ्रष्टाचार और बेरोजगारी जैसे मुद्दों ने जनता को एक नए विकल्प की तलाश करने पर मजबूर कर दिया। RSP ने इसी बदलाव की लहर पर सवार होकर जबरदस्त प्रदर्शन किया है। इस पार्टी के अध्यक्ष रवि लामिछाने भी चितवन 2 सीट से आगे चल रहे हैं। अगर चुनाव के यही रुझान अंत तक बरकरार रहते हैं, तो नेपाल में सत्ता की चाबी पहली बार किसी नए और युवा नेतृत्व के हाथ में जा सकती है। महज कुछ साल पहले बनी RSP ने जिस तरह से नेपाली कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टी जैसी पुरानी पार्टियों को पीछे छोड़ा है, वह वाकई हैरान करने वाला है। काठमांडू 1 जैसी सीट पर RSP की जीत ने यह साफ कर दिया है कि अब नेपाल की राजनीति का केंद्र बदल रहा है। आने वाले कुछ समय में जब बाकी सीटों के नतीजे साफ होंगे, तब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या बालेन्द्र शाह वाकई नेपाल के अगले प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुंच पाते हैं।

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