शराब-सिगरेट पीने वाले हो जाएं सावधान, जल्द ही बदल रहे ये नियम

22 सितंबर से नई GST दरें लागू होंगी। 3-4 सितंबर को GST काउंसिल की बैठक में 12% और 28% स्लैब हटाने पर चर्चा होगी, केवल 5% और 18% स्लैब रह सकते हैं। तंबाकू, सिगरेट पर 40% सिन टैक्स प्रस्तावित। इससे कर प्रणाली सरल होगी।

शराब-सिगरेट पीने वाले हो जाएं सावधान, जल्द ही बदल रहे ये नियम

अगले माह लागू होंगी GST की नई दरें

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Highlights

  • 22 सितंबर 2025 से नई GST दरें लागू होंगी।
  • 3-4 सितंबर को दिल्ली में बैठक, टैक्स स्लैबों पर होगी चर्चा।
  • तंबाकू, सिगरेट, शराब पर 40% तक टैक्स का रखा जाएगा प्रस्ताव।

नई दिल्ली : नई GST (वस्तु एवं सेवा कर) दरें 22 सितंबर से लागू की जाने वाली है. GST काउंसिल की अहम् बैठक 3 एवं  4 सितंबर को दिल्ली में होने वाली है, इसमें वित्त मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित सुझावों पर भी चर्चा की जाने वाली है. अब ये भी कहा जा रहा है कि इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाल किले की प्राचीर से दिए गए संकेतों के अनुरूप टैक्स स्लैबों में बड़े परिवर्तन के प्रस्ताव पर विचार भी किया जाने वाला है. 

प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर GST प्रणाली में बचेंगे 2 स्लैब :

खबरों का कहना है कि बैठक में खासतौर पर 12 फीसद एवं 28 फीसद के 2 मुख्य GST स्लैबों को समाप्त करने के प्रस्ताव पर चर्चा भी की जा सकती है. यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो भारतीय GST प्रणाली में केवल 2 स्लैब बचेंगे, 5 फीसद एवं 18 फीसद. इस परिवर्तन से कर व्यवस्था और अधिक आसान बन जाएगी.

तंबाकू-सिगरेट एवं अन्य उत्पादों पर लग सकता है 40 फीसद तक टैक्स :

खबरों का कहना है कि सिगरेट, तंबाकू और इसी तरह के उत्पादों पर वर्तमान में लागू 28 प्रतिशत टैक्स के स्थान 40 प्रतिशत टैक्स (sin tax) लगाया जाने वाला है. खबरों का कहना है कि सरकार ने भी नए GST स्लैब पुनर्गठन हेतु अपनी विस्तृत सिफारिश GST काउंसिल को भेज चुके है, इसके आधार पर ही आगामी बैठक में आखिरी फैसला लिया जाने वाला है.  इस बैठक के पश्चात ही नई GST दरों का एलान हो सकता है. तंबाकू-सिगरेट के साथ साथ सिगार, दूसरे धूम्रपान उत्पाद, शराब और अन्य अल्कोहलिक ड्रिंक्स पर भी सिन टैक्स लगाया जाने वाला है, जो राज्य सरकारों द्वारा निर्धारित कर दिया जाएगा.

उपभोक्ताओं और कारोबारियों को मिल सकती है बड़ी राहत : 

विशेषज्ञों का इस बारें में कहना है कि इस कदम से कर प्रणाली में सरलता के साथ-साथ उपभोक्ताओं और कारोबारियों को भी राहत मिल सकती है, क्यूंकि GST काउंसिल की बैठक बेहद अहम मानी जा रही है, इसलिए इसके बाद ही नई दरों और प्रस्तावों की पूरी जानकारी सामने आने वाली है. 

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