कर्नाटक के बेंगलुरू से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां नामी कंपनी एक्सेंचर (Accenture) में काम करने वाली एक महिला सॉफ्टवेयर इंजीनियर की उसके ही पड़ोसी ने बेरहमी से हत्या कर दी। पहले इसे साधारण आग लगने की घटना माना जा रहा था, लेकिन जब सच सामने आया तो सभी चौंक गए। आरोपी कोई खूंखार अपराधी नहीं, बल्कि एक 17-19 वर्ष का छात्र है।
मृतका की पहचान 34 वर्षीय शर्मिला कुशलप्पा के रूप में हुई है। शर्मिला मूलतः मंगलुरू की रहने वाली थी और बेंगलुरू में राममूर्तिनगर में एक किराए के फ्लैट में अकेले रहती थी। जानकारी के मुताबिक, पड़ोस में रहने वाले करनाल कुरई की शर्मिला पर गलत नज़र थी। वारदात वाली रात वो खिड़की के सहारे शर्मिला के फ्लैट में घुस गया। जब शर्मिला ने उसे देखा तो उसने उसके सामने अपनी इच्छा ज़ाहिर की। शर्मिला ने इसका विरोध किया और उसे जाने के लिए कहा। मना करने पर गुस्सा होकर उसने शर्मिला का मुंह और नाक दबा दिया, जिससे वो बेहोश हो गई।
शर्मिला की हत्या के बाद आरोपी ने इसे हादसा दिखाने के लिए एक खतरनाक साजिश रची। उसने शर्मिला के कपड़ों पर लगे खून के धब्बों को मिटाने के लिए उनमें आग लगा दी। धीरे-धीरे आग पूरे कमरे में फैल गई। अपराधी को लगा कि पुलिस इसे शॉर्ट सर्किट या हादसा मान लेगी। बिल्डिंग के मालिक ने उसके फ्लैट से धुआं निकलते देखा और फायर डिपार्टमेंट को अलर्ट किया। फायर फाइटर्स ने बंद दरवाजा तोड़ा, आग बुझाई और किचन के पास शर्मिला को बेजान हालत में पाया। उसे तेज़ी से अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
शुरूआत में पुलिस ने माना कि शर्मिला की मौत दम घुटने से हुई है। लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने मामले की तस्वीर ही बदल दी। रिपोर्ट में सामने आया कि शर्मिला के शरीर पर चोट के निशान थे, जो संघर्ष की ओर इशारा कर रहे थे। पुलिस द्वारा जांच करने पर कुरई पर शक गहराया। सख्ती से पूछताछ करने पर कुरई ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। फिलहाल वो पुलिस हिरासत में है और आगे की जांच जारी है।