पतंग उड़ाते थम गई सांसे, 8-9 साल के बच्चे की मौत से पसरा मातम

फिरोज़पुर के बाज़िदपुर गांव में छुट्टियां मनाने आए दूसरी कक्षा के छात्र मनमीत शर्मा की छत पर खेलते समय अचानक तबीयत बिगड़ गई। सीने में दर्द के बाद वह बेहोश हो गया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक रिपोर्ट में सडन कार्डियक अरेस्ट की आशंका जताई गई है।

पतंग उड़ाते थम गई सांसे, 8-9 साल के बच्चे की मौत से पसरा मातम

मनमीत फिरोज़पुर के आरएसडी राज रतन पब्लिक स्कूल में दूसरी कक्षा का छात्र था।

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Highlights

  • पतंग उड़ाते समय 8–9 साल के बच्चे की अचानक तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में मौत।
  • डॉक्टरों ने सडन कार्डियक अरेस्ट को मौत की वजह बताया।
  • कम उम्र में हार्ट से जुड़ी मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया।

8–9 साल की उम्र, जब बच्चे पूरे जोश और मस्ती से भरे होते हैं। उनके भीतर एक अलग ही ऊर्जा होती है। लेकिन अगर इतनी मासूम उम्र में ही किसी बच्चे की ज़िंदगी पर अचानक मौत दस्तक दे दे, तो इससे ज़्यादा दुखद क्या हो सकता है। कुछ ऐसा ही हृदयविदारक मामला पंजाब के बाज़िदपुर गांव से सामने आया है, जहाँ 8–9 साल के बच्चे की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। मृतक की पहचान मनमीत शर्मा के रूप में हुई है, हालांकि कुछ जगह उसका नाम मनप्रीत भी बताया गया है।

जानकारी के अनुसार, मनमीत फिरोज़पुर के आरएसडी राज रतन पब्लिक स्कूल में दूसरी कक्षा का छात्र था और इन दिनों स्कूल की छुट्टियों के चलते अपने ननिहाल आया हुआ था। घटना रविवार की है, जब वह घर की छत पर पतंग उड़ा रहा था। खेलते समय बच्चे को अचानक घबराहट महसूस हुई और उसने सीने में दर्द की शिकायत की। कुछ ही देर बाद वह बेहोश होकर गिर पड़ा। परिजन उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

प्राथमिक जानकारी में डॉक्टरों ने मौत की वजह अचानक दिल से जुड़ी समस्या (सडन कार्डियक अरेस्ट) बताई है। इस घटना ने पूरे इलाके को हैरान कर दिया है। इतनी कम उम्र में इस तरह की मौत को लेकर लोग हैरानी जता रहे हैं और बच्चों की सेहत को लेकर चिंता भी बढ़ गई है।

हालांकि यह इस तरह की कोई पहली घटना नहीं है। हाल के दिनों में बच्चों और युवाओं की अचानक तबीयत बिगड़ने या हार्ट अटैक से मौत की कई खबरें सामने आ चुकी हैं। ऐसी घटनाएँ समाज में डर और अनिश्चितता पैदा कर रही हैं। माता-पिता के मन में यह आशंका घर करने लगी है कि कहीं खेलते-कूदते या सामान्य गतिविधियों के दौरान उनके बच्चे के साथ भी कुछ अनहोनी न हो जाए। इन खबरों का गहरा असर दिलों-दिमाग पर भी पड़ रहा है, जिससे लोगों के भीतर भय और चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।

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