उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज गोंडा जिले का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने मनकापुर और गौरा विधानसभा क्षेत्रों के लिए 520 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 69 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को स्वीकृति-पत्र और चेक भी सौंपे। इस अवसर पर गोंडा के लोकसभा सांसद व विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह, मनकापुर के विधायक रमापति शास्त्री और गौरा के विधायक प्रभात कुमार वर्मा सहित कई गणमान्य जन मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम को संबोधित भी किया।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम 7 नवंबर को अयोध्या जाएंगे। इस साल अयोध्या धाम में दीपोत्सव का दसवां संस्करण आयोजित किया जाएगा। भले ही दीपोत्सव का आयोजन अयोध्या में होगा, लेकिन इसकी रोशनी विकास के रूप में गोंडा तक पहुंचेगी। आज, हम गोंडा में यह विकास देख सकते हैं। मुझे याद है कि लगभग दस साल पहले, जब भी मुझे गोंडा रेलवे स्टेशन से देवी पाटन स्थित मां पाटेश्वरी शक्तिपीठ जाना होता था, तो इस सफर में ढाई से तीन घंटे लग जाते थे। यहां की सड़कें गड्ढों से भरी थीं। हर तरफ असुरक्षा का माहौल था। विकास पूरी तरह रुक गया था, युवा बेरोजगार थे और किसान परेशान थे। महिलाओं और व्यापारियों की सुरक्षा खतरे में थी। गोंडा, बलरामपुर और श्रावस्ती देश के सबसे पिछड़े और सबसे गंदे जिलों में गिने जाते थे।
जब भी मैं इस क्षेत्र में आता था, तो स्थानीय मीडिया की सुर्खियों में गोंडा, बलरामपुर और बहराइच में अज्ञात बीमारियों से बच्चों की मौत की खबरें आती थीं। एक सांसद के तौर पर, मैं स्वास्थ्य विभाग को फोन करके पूछता था कि ये अज्ञात बीमारियां आखिर हैं क्या? चिकित्सा विज्ञान इतना आगे बढ़ चुका है, फिर भी इन्हें 'अज्ञात' क्यों बताया जा रहा है? लेकिन पिछली सरकार के एजेंडे में, किसी गरीब के बच्चे की जान की कोई अहमियत नहीं थी। गरीबों के लिए कोई योजनाएं नहीं थीं और वे युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना अपना जन्मसिद्ध अधिकार मानते थे। जब 2016 में 'स्वच्छ सर्वेक्षण' की रैंकिंग जारी हुई थी, तो गोंडा को देश के सबसे गंदे शहरों में गिना गया था।
इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम जन्मभूमि आंदोलन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2 नवंबर 1990 को अयोध्या में राम जन्मभूमि आंदोलन के समय, तत्कालीन समाजवादी पार्टी की सरकार ने राम भक्तों पर गोली चलाने का आदेश दिया था, जिसमें कई लोगों की जान चली गई थी। इसके उलट, हमारी सरकार ने राम भक्तों पर गोलियां नहीं चलाईं, बल्कि उन पर फूलों की वर्षा की और अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जरा समाजवादी पार्टी के कुशासन के दिनों को याद कीजिए। आज जो युवा 25 से 28 साल के हैं, शायद उन्हें इसके बारे में पता न हो, क्योंकि जब उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी सत्ता में थी, तब उनकी उम्र 15 साल से कम रही होगी। उन्हें शायद यह न पता हो कि कर्फ्यू और दंगे क्या होते थे, कैसे गरीबों के घरों को लूटा जाता था, कैसे उनके अधिकार छीन लिए जाते थे, कैसे युवाओं से रोजगार के अवसर छीन लिए जाते थे और कैसे महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया जाता था।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक प्रतिष्ठित ब्राह्मण परिवार में जन्मे घनश्याम नाम के एक युवक ने भगवान स्वामीनारायण के रूप में न केवल गुजरात में, बल्कि पूरी दुनिया में ख्याति प्राप्त की (भगवान स्वामीनारायण का जन्म गोंडा के छपिया में हुआ था)। जिस भूमि ने कभी दुनिया को प्रकाश दिखाया था, वह स्वयं अंधकार में डूब गई। यहाँ विकास कोसों दूर था, युवा बेरोजगार थे और लोग भूख से मर रहे थे। समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान गोंडा में ही अनाज का सबसे बड़ा घोटाला हुआ था। भाइयों और बहनों, समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश के लिए एक अभिशाप के सिवा कुछ नहीं है। जब भी यह सत्ता में आई, तो इसने केवल तबाही ही मचाई। जब भी यह सत्ता में रही, इसने विनाश ही किया।