फूल सिंह बरैया का विवादित बयान : रेप को धार्मिक लाभ से जोड़ने पर मचा बवाल

मध्यप्रदेश के भांडेर से कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के एक हालिया बयान ने प्रदेश की राजनीति में तूफान खड़ा कर दिया है। बरैया ने बलात्कार जैसे गंभीर अपराध को धर्म और जाति से जोड़ते हुए बेहद विवादित टिप्पणियां की है।

फूल सिंह बरैया का विवादित बयान : रेप को धार्मिक लाभ से जोड़ने पर मचा बवाल

बरैया ने बलात्कार जैसे गंभीर अपराध को धर्म और जाति से जोड़ते हुए बेहद विवादित टिप्पणियां की है।

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Highlights

  • कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी की है।
  • उनके इस बयान को शिवराज सिंह चौहान ने शर्मनाक करार दिया है।
  • बरैया के इस बयान पर उनकी पार्टी भी उनसे किनारा करती हुई नज़र आ रही है।

मध्यप्रदेश के भांडेर से कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के एक हालिया बयान ने प्रदेश की राजनीति में तूफान खड़ा कर दिया है। बरैया ने बलात्कार जैसे गंभीर अपराध को धर्म और जाति से जोड़ते हुए बेहद विवादित टिप्पणियां की हैं। उनके इस बयान के बाद केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसे शर्मनाक बताया है।

फूल सिंह बरैया ने एक पुस्तक “रूद्रयामल तंत्र” का ज़िक्र करते हुए कहा कि इसमें उल्लेख है कि यदि कोई व्यक्ति तीर्थ नहीं कर पाता, तो SC जाति की महिलाओं के साथ सहवास करने से तीर्थ का फल मिलता है। इतना ही नहीं, बरैया ने यह भी कहा कि रेप कोई अकेला व्यक्ति नहीं करता, बल्कि 4–5 लोग मिलकर करते हैं।

इस बयान पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, “मेरे लिए बेटियाँ देवी समान हैं। बेटियों को जाति या समाज के आधार पर नहीं बाँटा जाना चाहिए। हमारी परंपरा में दुर्गा, लक्ष्मी और सरस्वती का रूप बेटियों में दिखाई देता है। समाज को और कितना बाँटेंगे? क्या अब बेटियों को भी बाँटेंगे? ऐसे आपत्तिजनक बयान नहीं देने चाहिए। यह मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से बेहद दुखद है।”

बरैया के बयान के बाद उनकी पार्टी भी उनसे दूरी बनाती हुई नज़र आ रही है। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि रेप को किसी भी प्रकार से जस्टिफाई नहीं किया जा सकता। रेप करने वाला चाहे कोई भी हो, वह अपराधी है। इस अपराध को जाति या धर्म से नहीं जोड़ा जा सकता।

फूल सिंह बरैया का विवादों से पुराना नाता रहा है। 2023 के मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव से पहले भी बरैया ने सबका ध्यान आकर्षित करते हुए कहा था कि अगर भाजपा चुनाव में केवल 50 सीटें भी जीतती हैं, तो वे अपना मुंह काला कर लेंगे। भाजपा की उस चुनाव में विशाल जीत के बाद वह बयान आलोचना का विषय बन गया था।

ऐसे मौकों पर केवल इतना ही कहा जा सकता है कि जिम्मेदारी वाले पदों पर बैठे वरिष्ठ नेताओं को इस तरह के बयान देने से बचना चाहिए। ऐसी टिप्पणियाँ समाज में गलत संदेश देती हैं और लोगों के बीच दूरियाँ बढ़ा सकती हैं।

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