उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से डिजिटल अरेस्ट का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सभी को हिलाकर रख दिया है। 27-28 अप्रैल की रात, एक 28/30 वर्षीय महिला, मोनिका को साइबर अपराधियों ने इस कदर प्रताड़ित किया, कि परेशान होकर उन्होंने आत्महत्या जैसा भीषण कदम उठा लिया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मोनिका बिजनौर जिले के फरीदपुर भोगी गांव की रहने वाली थी। उनके पति का नाम रणधीर सिंह और जिया और नंदिनी नाम की दो बेटियां भी हैं। बड़ी बेटी नंदिनी के मुताबिक, मोनिका सोमवार रात कुछ लिख रही थी। जब उनकी बेटी ने पूछा, तो मोनिका ने टाल दिया। दोनों बच्चियों को सुलाने के बाद उन्होंने आत्महत्या कर ली।
पहले तो परिवार वालों को इस सुसाइड की वजह समझ में नहीं आई और समाज के डर से उन्होंने पुलिस को बिना बताए मोनिका का अंतिम संस्कार भी कर दिया। लेकिन मामला तब संदिग्ध लगा, जब मोनिका के फोन पर लगातार कॉल्स आने लगे। एक कॉल उठाने पर सामने वाले व्यक्ति ने खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया और मोनिका से बात कराने को कहा। इससे शक बढ़ा, तो परिवार वालों ने कमरे की तलाशी ली, जहां से उन्हें सुसाइड नोट भी मिला, जिसमें लिखा था कि एक लड़का उन्हें ब्लैकमेल कर रहा है। अपने आखिरी संदेश में, मोनिका ने अपनी छोटी बेटी से माफी मांगते हुए कहा, "सॉरी जिया, मम्मी को मरना ही पड़ेगा।"
मोनिका का फोन चेक करने पर कई नंबरों से व्हाट्सएप कॉल्स, ऑडियो क्लिप्स और मैसेज मिले। कोई खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बता रहा था, तो कोई झूठे आरोप लगाकर उन्हें डरा रहा था। हैरानी की बात ये भी थी कि मोनिका की मृत्यु के बाद भी अपराधियों की धमकियां बंद नहीं हो रही थी और उनके परिवार को भी धमकाया जा रहा था। उनके पति रणधीर ने अब पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस को वो नंबर भी उपलब्ध कराए गए हैं, जिनसे मोनिका को लगातार कॉल्स आ रहे थे। पुलिस द्वारा मामले की जांच भी शुरू हो चुकी है।