केरलम में UDF की सरकार बनने पर मुख्यमंत्री पद के लिए ये तीन प्रमुख दावेदार होंगे

इन तीन प्रमुख दावेदारों के अलावा भी यदि एक नेता की बात करें, तो वो हैं डॉ. शशि थरूर। डॉ. थरूर 2009 से तिरूवनंतपुरम सीट से सांसद हैं और केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में विदेश मंत्रालय और मानव संसाधन विकास मंत्रालय जैसे बहुत अहम मंत्रालयों में भी काम कर चुके हैं।

केरलम में UDF की सरकार बनने पर मुख्यमंत्री पद के लिए ये तीन प्रमुख दावेदार होंगे

रमेश, वेणुगोपाल और सतीशन, ये तीनों ही नेता राजनीति का व्यापक अनुभव रखते है।

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Highlights

  • मुख्यमंत्री बनने की रेस में, AICC महासचिव (संगठन) के. सी. वेणुगोपाल का नाम प्रमुखता से शामिल है।
  • UDF के घटक दल IUML ने, मुख्यमंत्री पद के लिए वी. डी. सतीशन के नाम का समर्थन किया है।
  • इस सूची में तीसरा नाम रमेश चेन्निथला का है, जो KPCC के अध्यक्ष और प्रदेश के गृह मंत्री भी रह चुके है।

केरलम में विधानसभा चुनाव संपन्न हो चुके हैं और एग्जिट पोल्स कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की वापसी के संकेत दे रहे हैं। इसी के साथ प्रदेश का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इसे लेकर भी चर्चाएं तेज हो गईं हैं। यदि कांग्रेस की सरकार बनती है, तो पार्टी के कई अनुभवी नेता मुख्यमंत्री पद के लिए दावेदार हैं। इस रेस में मुख्य तौर पर तीन लीडर्स के नाम सामने आए हैं। एक नजर इन तीनों नेताओं पर।

इनमें सबसे पहला नाम है के. सी. वेणुगोपाल का। वे वर्तमान में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के राष्ट्र्रीय महासचिव (संगठन) हैं और 2024 से आलप्पुळा से सांसद हैं। वो इससे पहले 2009 से 2019 तक भी इस सीट पर विजय प्राप्त कर चुके हैं। इतना ही नहीं, वेणुगोपाल 1996 से 2009 तक आलप्पुळा से विधायक भी रहे हैं। वेणुगोपाल को केंद्रीय मंत्रिमंडल का अनुभव भी प्राप्त है। उन्होंने केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में विद्युत् और नागर विमानन मंत्रालय में भी काम किया है। हालांकि उनके पक्ष में जो सबसे मजबूत बात है, वो है कांग्रेस के शीर्ष नेताओं से उनकी नजदीकी। वेणुगोपाल को विपक्ष के नेता राहुल गांधी का काफी करीबी भी माना जाता है।

इस सूची में दूसरा नाम है वी. डी. सतीशन का। वो फिलहाल केरलम विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं और 2001 से परवूर सीट से विधायक हैं। उन्होंने केरलम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के उपाध्यक्ष के तौर पर भी काम किया है। UDF के एक प्रमुख घटक दल इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने मुख्यमंत्री पद के लिए उनके नाम का समर्थन भी किया है।

उनके अतिरिक्त मुख्यमंत्री की दौड़ में तीसरा नाम रमेश चेन्निथला का है, जो राज्य के एक काफी दिग्गज नेता है। वो 1982 से 1989 तक और फिर 2011 से हरिप्पाड सीट से विधायक हैं। रमेश 1989 से 1998 तक कोट्टयम और 1999 से 2004 तक मावेलिक्करा लोकसभा सीट से सांसद भी रहे हैं। उन्होंने 2005 से 2014 तक KPCC के अध्यक्ष के तौर पर भी काम किया है। रमेश 2016 से 2021 तक विपक्ष के नेता और 2014 से 2016 तक केरलम के गृहमंत्री भी रह चुके हैं।

इन तीन प्रमुख दावेदारों के अलावा भी यदि एक नेता की बात करें, तो वो हैं डॉ. शशि थरूर। डॉ. थरूर 2009 से तिरूवनंतपुरम सीट से सांसद हैं और केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में विदेश मंत्रालय और मानव संसाधन विकास मंत्रालय जैसे बहुत अहम मंत्रालयों में भी काम कर चुके हैं। वो युवाओं और शहरी वोटर्स के बीच काफी लोकप्रिय हैं, साथ ही उन्हें विदेश नीति का एक अच्छा जानकार भी माना जाता है। अंत में मुख्यमंत्री की कुर्सी पर कौन बैठेगा, ये तो आने वाला समय ही बताएगा

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