भारत के कुछ हिस्सों में कल वसुबारस तो कहीं आज धनतेरस के साथ दीपोत्सव का शंखनाद हो चुका है। बाजारों में त्योहार की रौनक और चहल-पहल अपने चरम पर है। चारों ओर बिखरी खुशियों के बीच बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर कोई इस पावन उत्सव के रंग में सराबोर होने के लिए तैयार है।
गौरतलब है कि धनतेरस का यह पवित्र दिन आरोग्य के देवता भगवान धन्वन्तरि की पूजा-अर्चना को समर्पित है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वन्तरि हाथों में अमृत कलश और आयुर्वेद ग्रंथ लेकर प्रकट हुए थे। देवताओं के चिकित्सक माने जाने वाले भगवान धन्वन्तरि को साक्षात भगवान विष्णु का ही अंश माना जाता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सभी देशवासियों को धनतेरस की शुभकामनाएं दी हैं। X पर अपना संदेश साझा करते हुए उन्होंने लिखा, "सभी देशवासियों को धनतेरस की अनंत शुभकामनाएं। भगवान धन्वन्तरि की दिव्य कृपा से सभी का जीवन सुख, शांति और उत्तम स्वास्थ्य से सदैव आलोकित रहे। हर परिवार में उमंग और आनंद का अखंड दीप प्रज्वलित रहे, यही मंगलकामना है।"
उन्होंने एक संस्कृत सुभाषितम् भी साझा किया:
नमामि धन्वन्तरिमादिदेवं सुरासुरैर्वन्दितपादपद्मम्।
लोके जरारुग्भयमृत्युनाशं दातारमीशं विविधौषधीनाम्॥”
इसका अर्थ है कि मैं आदिदेव भगवान धन्वन्तरि को सादर नमन करता हूं, जिनके चरणकमल देवताओं और असुरों द्वारा भी वंदित हैं। वे समस्त लोकों में बुढ़ापे, रोग, भय और मृत्यु का नाश करने वाले तथा विविध प्रकार की औषधियों के प्रदाता और परमेश्वर हैं।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी X पर लिखा, "आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वन्तरि की जयंती के पावन पर्व की सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। भगवान धन्वन्तरि की कृपा से समस्त प्रदेशवासियों के जीवन में आरोग्य का वास हो और परिवार में सुख एवं समृद्धि बनी रहे, यही मंगलकामना है।"
धनतेरस के अवसर पर, हैदराबाद के चारमीनार स्थित श्री भाग्यलक्ष्मी माता मंदिर में पूजा का आयोजन किया गया, जहाँ माता के दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इसी तरह मध्य प्रदेश के इंदौर में राजवाड़ा स्थित प्रसिद्ध श्री महालक्ष्मी मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं पहुंचते हैं। इसके अलावा, उषा नगर का श्री महालक्ष्मी मंदिर भी लोगों के आकर्षण का एक प्रमुख केंद्र है।
यहां धनतेरस और दिवाली की शाम को भक्त देवी महालक्ष्मी का आशीर्वाद लेने के लिए पूरे उत्साह के साथ आते हैं। रतलाम स्थित मां महालक्ष्मी का मंदिर भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। धनतेरस से भाई दूज तक इस मंदिर के गर्भ गृह और दरबार को करीब 2 करोड़ रुपये की भारतीय करेंसी, 40 देशों की विदेशी मुद्राओं और सोने-चांदी के आभूषणों से सजाया गया है।
उज्जैन स्थित महर्षि सांदीपनि आश्रम के कुंडेश्वर महादेव मंदिर में भगवान कुबेर की एक अत्यंत प्राचीन प्रतिमा विराजमान है। धनतेरस के अवसर पर यहां भगवान कुबेर के दर्शन और विशेष पूजन का विशेष महत्व होता है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।