झारखंड में कैबिनेट मंत्री इरफान अंसारी के विवादित बयान पर हंगामा, भाजपा ने किया विरोध प्रदर्शन

सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में उन्होंने दावा किया कि देश तबाही और बर्बादी की कगार पर है। दिल्ली में छात्र-छात्राओं के साथ हुई अपनी एक बैठक का हवाला देते हुए अंसारी ने कहा कि दिल्ली में लगभग 40 लाख युवा इस समय घरों के अंदर समाए हुए हैं और उन्हें सड़कों पर उतरने के लिए केवल एक आदेश की आवश्यकता है।

झारखंड में कैबिनेट मंत्री इरफान अंसारी के विवादित बयान पर हंगामा, भाजपा ने किया विरोध प्रदर्शन

भाजपा ने राहुल गांधी का पुतला जलाकर अपना आक्रोश जताया।

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Highlights

  • संजय सेठ ने इरफान अंसारी के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज करने की मांग की है।
  • दीपक प्रकाश ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इरफान अंसारी को मंत्रिमंडल से हटाने की मांग की है।
  • दीपक प्रकाश ने कहा की कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के इशारे पर इरफान अंसारी ने यह बयान दिया है।

झारखंड की राजनीति से एक बड़ी खबर सामने आई है। प्रदेश सरकार में स्वास्थ्य मंत्री और जामताड़ा से विधायक डॉ. इरफान अंसारी के एक बयान के बाद सियासी घमासान मच गया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में उन्होंने दावा किया कि देश तबाही और बर्बादी की कगार पर है। दिल्ली में छात्र-छात्राओं के साथ हुई अपनी एक बैठक का हवाला देते हुए अंसारी ने कहा कि दिल्ली में लगभग 40 लाख युवा इस समय घरों के अंदर समाए हुए हैं और उन्हें सड़कों पर उतरने के लिए केवल एक आदेश की आवश्यकता है। 

उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी ने इन युवाओं को अभी रोक कर रखा है और वे राहुल गांधी के फैसले से अलग नहीं जाएंगे। सरकार को चुनौती देते हुए उन्होंने पूछा कि प्रशासन कितनी भी सेना बुला ले, लेकिन क्या वे इन छात्र-छात्राओं को रोक पाएंगे? उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा हुआ, तो देश के हालात नेपाल और बांग्लादेश से भी बदतर हो जाएंगे। 

उनके इस विवादित बयान पर अब भाजपा भी पूरी तरह हमलावर हो गई है। इसी कड़ी में आज झारखंड की राजधानी रांची में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी ने पहले एक मार्च निकाला और फिर राहुल गांधी का पुतला जलाकर अपना आक्रोश जताया।

भाजपा के कई नेताओं की ओर से भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। केंद्रीय राज्य मंत्री संजय सेठ ने कांग्रेस पार्टी पर सत्ता के लिए बेताब होने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किया जाना चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी से सवाल किया कि वहां मौजूद 40 लाख युवा कौन थे और उन्हें यह धमकी देने का अधिकार किसने दिया कि वे देश को नेपाल और बांग्लादेश बना देंगे? 

संजय सेठ ने कहा कि संविधान की शपथ लेने वाला कोई मंत्री ऐसी भाषा का उपयोग कैसे कर सकता है? क्या यह देश को आग में झोंकने और अराजकता फैलाने की खुली धमकी नहीं है? अपने मंत्री से इस तरह के बयान दिलवाना पूरी तरह से देशद्रोह की श्रेणी में आता है।

वहीं भाजपा झारखंड के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश ने कहा कि झारखंड सरकार के एक कैबिनेट मंत्री देश की एकता और अखंडता के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। उन्होंने 40 लाख युवाओं की सेना खड़ी करने की बात कही है और भारत के सशस्त्र बलों को चुनौती दी है। केंद्र सरकार जनादेश के जरिए बनी है। एक बार नहीं, दो बार नहीं, बल्कि तीसरी बार, यह एक चुनी हुई सरकार है। फिर भी, इस सरकार को गिराने की साजिश रची जा रही है। 

देश की जनता ऐसी नापाक साजिश को बर्दाश्त नहीं करेगी। अगर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन में थोड़ी भी नैतिकता बची है, अगर उनके दिल में देश के लिए थोड़ा भी प्रेम है तो उन्हें ऐसे मंत्री को अपने मंत्रिमंडल से हटा देना चाहिए। मुझे लगता है कि इरफान अंसारी का बयान असल में कांग्रेस आलाकमान का ही रुख है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के इशारे पर इरफान अंसारी ने यह बयान दिया है और इस तरह वे देश को टुकड़ों में बांटने की साजिश में शामिल हो गए हैं।

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