श्री केदारनाथ धाम में दीपावली की भव्यता, भुकुंड भैरवनाथ के कपाट आज होंगे बंद

बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के सदस्य डॉ. विनीत चंद्र पोस्ती ने मंदिर प्रांगण में मीडिया से बात करते हुए सभी देशवासियों और प्रदेशवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं। उन्होनें श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे दीपावली के अवसर पर केदारनाथ धाम पहुंचकर बाबा केदार के दरबार में दीप जलाएं और इस पर्व को भक्ति व उत्साह के साथ मनाएं।

श्री केदारनाथ धाम में दीपावली की भव्यता, भुकुंड भैरवनाथ के कपाट आज होंगे बंद

फूलों से सजा केदारनाथ धाम बहुत ही सुंदर लग रहा है।

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Highlights

  • केदारनाथ मंदिर को लगभग 18-20 क्विंटल फूलों से सजाया गया है।
  • 7 नवंबर को भुकुंड भैरवनाथ के कपाट शीतकाल के लिए बंद होंगे।
  • केदारनाथ मंदिर के कपाट 11 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद होंगे।

दीपावली के खास मौके पर उत्तराखंड स्थित भगवान केदारनाथ का धाम फूलों की सजावट से बहुत सुंदर नजर आ रहा है। फूलों से सजा बाबा का मंदिर बेहद आकर्षक और मनमोहक लग रहा है। दीपावली की इस रौनक के बीच आज यानी 7 नवंबर को केदारनाथ के क्षेत्रपाल और रक्षक देवता माने जाने वाले भुकुंड भैरवनाथ जी के कपाट सर्दियों के लिए बंद किए जाएंगे। जानकारी के अनुसार मुख्य मंदिर के कपाट बंद होने से कुछ दिन पहले भुकुंड भैरवनाथ जी के कपाट बंद किए जाते हैं।

बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के सदस्य डॉ. विनीत चंद्र पोस्ती ने मंदिर प्रांगण में मीडिया से बात करते हुए सभी देशवासियों और प्रदेशवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बताया की BKTC ने बाबा केदार के इस दिव्य प्रांगण को लगभग 18-20 क्विंटल फूलों से सजाया है। इस पावन अवसर पर बाबा केदार के रक्षक देवता भुकुंड भैरवनाथ के कपाट सभी धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे।

डॉ. विनीत चंद्र पोस्ती ने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे दीपावली के अवसर पर केदारनाथ धाम पहुंचकर बाबा केदार के दरबार में दीप जलाएं और इस पर्व को भक्ति व उत्साह के साथ मनाएं। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर की स्वच्छता, पवित्रता और धार्मिक परंपराओं का ध्यान रखना सभी भक्तों का कर्तव्य है। श्रद्धालुओं से अपील की गई की वे मंदिर समिति की व्यवस्थाओं में सहयोग करें और ऐसा कोई काम न करें, जिससे धाम की शांति और व्यवस्था प्रभावित हो। सभी भक्त आपसी सौहार्द बनाए रखते हुए धार्मिक परंपराओं का सम्मान करें।

जानकारी के मुताबिक, बाबा केदारनाथ के मुख्य मंदिर के कपाट 11 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। इसके बाद भगवान केदारनाथ की पंचमुखी उत्सव डोली रीति-रिवाजों के साथ अपने शीतकालीन गद्दीस्थल उखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर के लिए रवाना होगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, डोली 13 नवंबर को ओंकारेश्वर मंदिर पहुंचेगी। मुख्य कपाट बंद होने के बाद अगले छह महीनों तक भगवान केदारनाथ की पूजा-अर्चना उखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में की जाएगी।

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