सऊदी अरब से एक बड़ी घटना सामने आई है। सऊदी अरब ने इस बात की पुष्टि की है कि यमन के हूती विद्रोहियों (Houthi Rebels) ने उनके देश पर बड़े हमले किए हैं। इन हमलों की वजह से सऊदी की मशहूर तेल कंपनी अरामको (Aramco) की एक इमारत में आग लग गई। सऊदी के अधिकारियों ने बताया कि यह आग बहुत ज्यादा नहीं फैली थी और इसे सीमित आग ही बताया गया। लेकिन इस हमले का असर आम लोगों पर भारी पड़ा है।
रियाद के ऊपर जब हूती विद्रोहियों की क्रूज मिसाइलों को हवा में ही नष्ट किया गया, तो उनके मलबे के गिरने से चार लोग घायल हो गए। इन घायलों में दो महिलाएं, एक आदमी और एक बच्चा शामिल है और इसके साथ ही शहर के करीब 15 घरों को भी काफी नुकसान पहुंचा है। यह कोई पहला मौका नहीं है जब हूती गुट ने सऊदी अरब को निशाना बनाया है। हाल ही में रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी हमला किया गया था।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस हमले में 13 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए। मृतकों में एक भारतीय नागरिक भी शामिल हैं, जिनकी पहचान हैदराबाद के मोहम्मद यूसुफ अली के रूप में हुई है, जो उमराह के लिए मदीना गए थे। इनके अलावा 11 भारतीय नागरिक भी घायल हुए। भारत के विदेश मंत्रालय ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए एक बयान जारी किया।
बयान में कहा गया कि हम पिछले कुछ दिनों में रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बार-बार हो रहे हमलों की कड़ी निंदा करते हैं, जिसमें 10 अक्टूबर को हुआ कायराना हमला भी शामिल है। इन हमलों के कारण लोगों की जान गई, वे घायल हुए और संपत्ति को नुकसान पहुँचा। हम मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना करते हैं।
आम नागरिकों और सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर पर बार-बार हमले पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं और इन्हें तुरंत रोका जाना चाहिए। हम सऊदी अरब साम्राज्य की संप्रभुता की रक्षा में वहाँ के लोगों और सरकार के साथ एकजुटता से खड़े हैं और उम्मीद करते हैं कि इस क्षेत्र में जल्द से जल्द शांति और सामान्य स्थिति बहाल होगी।
रियाद एयरपोर्ट हमले में मारे गए मोहम्मद यूसुफ अली का अंतिम संस्कार उनके परिवार की इच्छा के अनुसार 12 अक्टूबर को रियाद में किया गया। हमले में घायल हुए भारतीय नागरिकों में से चार अभी भी ICU में हैं और चार का इलाज जनरल वार्ड में चल रहा है, जबकि तीन को छुट्टी दे दी गई है।