देश की राजधानी दिल्ली में INDIA गठबंधन ने सुप्रीम कोर्ट की ओर एक मार्च शुरू किया है। जानकारी के अनुसार, वे कोर्ट में SIR प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के बारे में याचिका दायर करेंगे और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे। इस मार्च में कांग्रेस के राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी (SP) के अखिलेश यादव राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के तेजस्वी यादव और शिवसेना (UBT) के संजय राउत समेत कई नेता शामिल हुए हैं।
अखिलेश यादव के अनुसार, देश तभी बचेगा जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) को हटाया जाएगा। लोकतंत्र तभी बचेगा जब BJP को हटाया जाएगा। वहीं कांग्रेस के सचिन पायलट के अनुसार, आज पूरा देश सड़कों पर है। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे की अगुवाई में देश भर से कांग्रेस कार्यकर्ता यहाँ जमा हुए हैं। हम सबकी बस एक ही मांग है कि सुप्रीम कोर्ट हमारी बात सुने। CEC ने जो किया है, वह गैर-कानूनी और असंवैधानिक है। उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना होगा।
हमारे द्वारा पेश किए गए 'वोट चोरी' के सबूत साबित करते हैं कि हमें इस देश में लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई लड़नी होगी। हम शांति से, गांधीवादी तरीके से अपनी बात रखना चाहते हैं। लेकिन पुलिस युवाओं को पीट रही है। नेताओं को जेल में डाला जा रहा है। यह गलत है। मुझे लगता है कि सुप्रीम कोर्ट को हमारी बात सुननी चाहिए ताकि सही कदम उठाए जा सकें। CEC को इस पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। यह सरकार खुद को बचाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल कर रही है।
कांग्रेस के चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि देश भर से लोग यहां आए हैं और दिल्ली ठप हो गई है। हम SIR और 'वोट की चोरी' के खिलाफ हैं। उन्होंने हरियाणा, असम और बिहार में इसी तरह वोटर लिस्ट में गड़बड़ी की और चुनावों में धांधली की। अब वे पंजाब में भी ऐसा ही करने की तैयारी कर रहे हैं। इसीलिए लोग सड़कों पर उतरे हैं, ताकि यह पक्का किया जा सके कि हमारे वोट न हटाए जाएं।
ताजा घटनाक्रम में, राहुल की कानूनी टीम के वकील एस. प्रसन्न ने पुष्टि की है कि सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी गई है। इसका शीर्षक 'राहुल गांधी बनाम ECI' है। हालांकि राहुल खुद सुप्रीम कोर्ट नहीं पहुंच पाए। दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी (AAP) का प्रदर्शन भी दिल्ली में जारी है। इस प्रदर्शन में AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा होना चाहिए और बैलट पेपर से चुनाव होना चाहिए। वहीं सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा नहीं हो जाता, तब तक यह प्रदर्शन जारी रहेगा। फिलहाल दोनों को हिरासत में ले लिया गया है।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने X पर एक पोस्ट में लिखा, "विरोध करना हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन संवैधानिक पदों का बेशर्मी से अपमान करना निंदनीय है। कांग्रेस पार्टी अभी दिशाहीन है। लेकिन अगर उन्हें कोई परिपक्व और समर्पित नेता मिल जाए, ऐसा नेता जिसे साल में 200 छुट्टियां मनाने का शौक न हो, तो वे अपनी स्थिति बेहतर कर सकते हैं!"