कर्नाटक से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां विधान परिषद के चुनावों में कांग्रेस ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 7 में से 5 सीटों पर का कब्जा जमाया। जीते हुए उम्मीदवारों में कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के अध्यक्ष बी. के. हरिप्रसाद, टी. कामाकनूर, पी. वी. मोहन, शिवन्ना मालवल्ली और विनय कार्तिक शामिल हैं। वहीं भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 2 प्रत्याशियों ने जीत हासिल की, जिनमें रघु कौटिल्य और लिंगराज पाटिल शामिल हैं। वहीं जनता दल-सेक्युलर (JD-S) के गोविंदराजु को पराजय का सामना करना पड़ा। हालांकि दिलचस्प बात ये रही कि कर्नाटक में कांग्रेस के पक्ष में क्रॉस-वोटिंग हुई।
प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला के मुताबिक, कर्नाटक में पार्टी के 135 विधायक हैं और उसे 3 और विधायकों (SKP + निर्दलीय) का समर्थन हासिल था जिससे ये आंकड़ा 138 तक पहुंच जाता है। लेकिन कांग्रेस उम्मीदवारों को फर्स्ट प्रेफरेंस वाले 151 वोट मिले। यानी उन्हें करीब 13 वोट अधिक मिले। बात करें JD-S की, तो विधानसभा में उनके कुल 18 विधायक हैं, लेकिन पार्टी प्रत्याशी गोविंदराजु को केवल 14 ही वोट मिले। वहीं BJP के रघु कौटिल्य और लिंगराज पाटिल को क्रमशः 29 और 27 वोट मिले। रघु कौटिल्य को अपेक्षित 30 से एक वोट कम मिला। जानकारी के अनुसार, कांग्रेस के हरिप्रसाद को 30, विनय कार्तिक को 32, कामाकनूर को 30, शिवन्ना को 30 और मोहन को 30 वोट मिले।
दूसरी ओर राज्यसभा चुनावों के परिणाम भी सभी के सामने आ चुके हैं। यहां झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के बैद्यनाथ राम ने जीत दर्ज की, दूसरी तरफ NDA समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी भी चुनाव जीत गए। प्रदेश में उनके पक्ष में क्रॉस-वोटिंग हुई। जानकारी के अनुसार, 81 सदस्यों वाली विधानसभा में 78 वोटों की गिनती हुई और तीन वोट अमान्य घोषित कर दिए गए थे। JMM के नेतृत्व वाले महागठबंधन (MGB) के पास कुल 56 विधायक हैं, जिनमें JMM के 34, कांग्रेस के 16, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के 4 और CPI(ML)L के 2 विधायक शामिल हैं। उम्मीद यही जताई जा रही थी कि 28-28 वोटों के साथ MGB के दोनों विधायक आसानी से जीत जाएंगे। लेकिन नतीजे कुछ और ही सामने आए।
JMM के बैद्यनाथ राम को 30 वोट मिले, वहीं कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा को मात्र 20 वोट मिले। यानी अपेक्षित आंकड़े से 8 वोट कम मिले। वहीं NDA के पास कुल 24 विधायक थे, जिनमें भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 21 एवं ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (AJSU), जनता दल-यूनाइटेड (JD-U) और लोक जनशक्ति पार्टी-राम विलास (LJP-RV) के 1-1 विधायक शामिल हैं। उनके प्रत्याशी परिमल नाथवानी को 28 वोट मिले। यानी अपेक्षित नतीजे से 4 वोट अधिक मिले। इस रिजल्ट के बाद कांग्रेस की ओर से आरोप भी लगाए गए। कांग्रेस के राज्य प्रभारी के. राजू ने कहा, "कांग्रेस के सभी 16 वोट सुरक्षित रहे, JMM ने 4 वोट दिए और कांग्रेस को 20 वोट मिले। यह स्थिति इसलिए बनी क्योंकि निर्दलीय उम्मीदवार ने पैसे का इस्तेमाल किया।"
वहीं कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर ने मीडिया से बात करते हुए कहा "हमारे पास 26 वोट थे और हमें 21 वोट मिले। हमारे गठबंधन में 16 वोट हमारे थे, 4 JMM के, 4 RJD के और 2 CPI(ML) के थे। ऐसा लगता है कि हमें RJD और CPI(ML)L के वोट नहीं मिले। धोखा हुआ है और धोखा वहीं होता है जहां भरोसा हो। हम सभी को इस बारे में गंभीरता से सोचना होगा।"
वहीं RJD के महासचिव भोला यादव ने कहा, "हमारे नेता लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव के निर्देश पर, हमारे सभी 4 विधायकों ने INDIA ब्लॉक के उम्मीदवार प्रणव झा को वोट दिया। मैं वहां ऑब्जर्वर के तौर पर मौजूद था। उन चारों ने मुझे अपना वोट दिखाया और मेरी नजर धोखा नहीं खा सकती। मैंने इसे साफ-साफ देखा है। कांग्रेस को जांच करनी चाहिए कि क्या गड़बड़ हुई। मुझे लगता है कि कांग्रेस प्रभारी को आत्म-मंथन करना चाहिए और उनके मामले सुलझ जाएंगे।"