भारतीय क्रिकेट टीम के लिए इंदौर का होलकर स्टेडियम एक कड़वी याद बनकर रह गया। सीरीज़ के आखिरी और निर्णायक वनडे मैच में विराट कोहली ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने वनडे करियर को 54वा शतक जड़ा, लेकिन उनकी ये जांबाज़ पारी भी टीम इंडिया को हार से नहीं बचा सकी। न्यूज़ीलैंड ने यह मैच जीतकर न सिर्फ सीरीज़ 2-1 से अपने नाम की, बल्कि भारतीय सरजमीं पर पहली बार कोई वनडे सीरीज़ जीतकर इतिहास रच दिया।
इंदौर में खेले गए इस तीसरे वनडे में भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी करने का फैसला किया। ये फैसला सही साबित होता नज़र आया, जब डेवन कॉनवे (5) और हेनरी निकोल्स (0) बहुत जल्दी पैविलियन लौट गए। विल यंग (30) भी अपनी शुरूआत को बड़ी पारी में तब्दील नहीं कर सके। हालांकि इसके बाद क्रीज़ पर उतरे डेरिल मिचेल (137) और ग्लेन फिलिप्स (106) अंगद की तरह जम गए। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 219 रनों की शानदार साझेदारी की और टीम को संकट से बाहर निकाला। इनके अलावा कप्तान माइकल ब्रेसवेल ने भी 18 गेंदों में 28* रनों की तेज़ पारी खेली। ज़ैकरी फोक्स (10) और क्रिस क्लार्क (11) ने भी अंतिम पलों में दो चौंके और एक छक्का लगा दिया। इन सभी की बदौलत न्यूज़ीलैंड ने 50 ओवरों में 8 विकेट खोकर 337 रनों का विशाल लक्ष्य खड़ा किया। भारत की ओर से अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा ने 3-3 विकेट झटके। इनके अलावा कुलदीप यादव को एक विकेट मिला। हालांकि सबसे किफायती गेंदबाज़ रहे मोहम्मद सिराज, जिन्होंने 10 ओवरों में 43 रन देकर एक विकेट लिया।
338 के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारत की शुरूआत ठीक ही रही। रोहित शर्मा (11) और कप्तान शुभमन गिल (23) ने पहले विकेट के लिए 28 रन जोड़े। दर्शकों को दोनों के बल्ले से शुरूआती चौके देखने को मिले, लेकिन वे इन्हें बड़ी पारियों में तब्दील नहीं कर सकें। श्रेयस अय्यर (3) और के. एल. राहुल (1) भी जल्द ही चलते बने। इतनी संकट भरी स्थिति में एक बार फिर विराट कोहली (124) ने मोर्चा संभाला। उन्हें नीतीश कुमार रेड्डी (53) का भी भरपूर साथ मिला। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 88 रन जोड़कर टीम को कुछ बेहतर स्थिति में पहुंचाया। हालांकि रेड्डी के आउट होने के बाद एक बार फिर मैच फंसता हुआ नज़र आया। लेकिन पुछल्ले बल्लेबाज़ हर्षित राणा ने अपने प्रदर्शन से सबको अचंभित कर दिया। राणा ने 4 चौंकों और 4 छक्कों की मदद से 52 रनों की आकर्षक पारी खेली। दोनों जिस तरह से खेल रहे थे उससे ऐसा लग रहा था कि भारत ये मैच जीत जाएगी, मगर दोनों के आउट होते ही दर्शकों की आशाओं पर पानी फिर गया। भारतीय टीम 296 रन पर ऑलआउट हो गई और विपक्षी टीम ने 41 रनों से ये मैच जीत लिया। कीवी टीम की ओर से फोक्स और क्लार्क ने 3-3 विकेट हासिल किए, वहीं जेडन लेनोक्स को 2 विकेट मिले।
न्यूजीलैंड के लिए यह जीत किसी सपने से कम नहीं है। उन्होंने 38 साल का इंतजार खत्म करते हुए भारत में अपनी पहली वनडे सीरीज़ जीती है। वहीं, टीम इंडिया के लिए यह हार एक बड़े सबक की तरह है। भले ही विराट कोहली ने एक सीरीज़ में सबसे ज्यादा शतक लगाने का रिकी पोंटिंग का रिकॉर्ड तोड़ दिया हो, लेकिन अंत में उनकी यह 'विराट' पारी टीम को जीत की दहलीज पार नहीं करा सकी।