लद्दाख को मिला 3,350 करोड़ का तोहफा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअली पांच विकास परियोजनाओं का किया उद्घाटन

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज लद्दाख में पर्यटन के अवसर भी बढ़ रहे हैं। यहाँ विंटर टूरिज्म और एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा रहा है। केंद्र सरकार वाइब्रेंट विलेज पहल के तहत लद्दाख के 40 से अधिक सीमावर्ती गाँवों का विकास कर रही है। पहले लद्दाख में लगभग 150 होमस्टे थे, जिनकी संख्या आज बढ़कर 3,000 हो गई है। ग्रीनहाउस खेती को भी लगातार बढ़ाया गया है। आज लद्दाख में 11,000 ग्रीनहाउस हैं। इससे किसानों के लिए अपनी आय बढ़ाने के नए अवसर पैदा हुए हैं।

लद्दाख को मिला 3,350 करोड़ का तोहफा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअली पांच विकास परियोजनाओं का किया उद्घाटन

प्रधानमंत्री मोदी ने लद्दाख में विकास परियोजनाओं का वर्चुअल उद्घाटन किया और लोगों को संबोधित किया।

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Highlights

  • कुशोक बकुला रिंपोचे हवाई अड्डे पर 640 करोड़ की लागत से बनी नई यात्री टर्मिनल इमारत का उद्घाटन किया गया है।
  • बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) द्वारा 298 किलोमीटर लंबी निम्मू-पदम-दारचा सड़क का उद्घाटन किया गया है।
  • प्रोजेक्ट अमृत हिम सरोवर के तहत लद्दाख के 40 गांवों में 40 जलाशयों का उद्घाटन किया गया है।

15 अक्टूबर का दिन लद्दाख के लोगों के लिए कई नई सौगातें लेकर आया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लगभग 3,350 करोड़ रुपये की लागत वाली पांच विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया और उन्हें राष्ट्र को समर्पित किया।

प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) के मुताबिक, इनमें लेह के कुशोक बकुला रिंपोचे हवाई अड्डे पर 640 करोड़ की लागत से बनी नई यात्री टर्मिनल इमारत, बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) द्वारा बनाई गई 298 किलोमीटर लंबी निम्मू-पदम-दारचा सड़क, 9 मेगावाट की हानु लघु जलविद्युत परियोजना और 66 किलोवाट की डबल-सर्किट दह-हानु-खलसी ट्रांसमिशन लाइन, देश का प्रथम पेट्रोग्लिफ संरक्षण उद्यान और प्रोजेक्ट अमृत हिम सरोवर के अंतर्गत लद्दाख के 40 गांवों में 40 जलाशय शामिल है।

प्रधानमंत्री मोदी ने वर्चुअली इस कार्यक्रम को संबोधित भी किया। उन्होंने कहा कि आज लद्दाख में कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया है। इन परियोजनाओं से कई लोगों का सफर आसान हो जाएगा इससे बिजली की सुविधा बेहतर होगी, पानी की उपलब्धता बढ़ेगी और हमारी प्राचीन विरासत के संरक्षण को भी नई ताकत मिलेगी। मैं इन परियोजनाओं के लिए लद्दाख के सभी लोगों को हार्दिक बधाई देता हूँ। मैं उन सभी इंजीनियरों, श्रमिकों और स्थानीय साथियों को भी बधाई देता हूँ जिन्होंने इन कार्यों में अपना योगदान दिया है। मैं विशेष रूप से BRO की टीम की सराहना करना चाहता हूँ। 

कुछ समय पहले, मैंने लेह के कुशोक बकुला रिंपोचे हवाई अड्डे पर टर्मिनल बिल्डिंग का शिलान्यास किया था और यह मेरा सौभाग्य है कि अब मुझे इस महत्वपूर्ण परियोजना का लोकार्पण करने का अवसर मिला है। करीब 650 करोड़ रुपये की लागत से बना यह टर्मिनल, हवाई अड्डे की सालाना यात्री क्षमता को 10 लाख से बढ़ाकर 35 लाख कर देगा। यहाँ उड़ानों की संख्या भी तीन गुना तक हो सकती है। इस टर्मिनल की एक और खास बात यह है कि लद्दाख के कठिन मौसम को ध्यान में रखते हुए, इसमें जियोथर्मल तकनीक का इस्तेमाल किया गया है और साथ ही सौर ऊर्जा का भी उपयोग किया गया है। यह भारत का पहला हवाई अड्डा टर्मिनल है जिसमें जियोथर्मल हीटिंग सिस्टम लगा है।

आज निम्मू-पदम-दारचा सड़क लद्दाख के लोगों को समर्पित की गई है। इस पर लगभग 2.5 हजार करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। जिस सफर में पहले 12 घंटे लगते थे, वह अब 3 घंटे में पूरा किया जा सकता है। यह सड़क व्यापार और कारोबार में भी बहुत मददगार साबित होगी। आज हानु जल विद्युत परियोजना और उसकी ट्रांसमिशन लाइन का भी उद्घाटन किया गया। पुगा घाटी में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करके बिजली बनाने का काम चल रहा है। आज 'प्रोजेक्ट हिम सरोवर' के तहत बनाए गए 40 जलाशयों को भी लद्दाख के लोगों को समर्पित किया गया है।

अक्सर कहा जाता है कि प्राकृतिक परिस्थितियों की वजह से लद्दाख में जीवन बहुत कठिन है। प्राकृतिक माहौल की अपनी चुनौतियां होती हैं। दुर्भाग्य से, ऐसी परिस्थितियों के बावजूद, पिछली सरकारों ने लद्दाख के विकास पर ध्यान नहीं दिया। लेकिन आज, केंद्र सरकार के लिए लद्दाख का विकास बहुत महत्वपूर्ण है। 2019 तक, लद्दाख में लगभग 1800 km सड़कों का नेटवर्क था। आज, यह नेटवर्क बढ़कर 4000 km से ज्यादा हो गया है। 

पहले यहाँ 19 बड़े पुल थे। आज, यहाँ लगभग 75 पुल हैं। हेलीपैड की संख्या भी 7 से बढ़कर 40 से ज्यादा हो गई है। पहले, लद्दाख में केवल 3.5% घरों में नल से पानी आता था। आज, लगभग 99% घरों में नल से पानी की सुविधा पहुँच चुकी है। लद्दाख के अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या भी दोगुनी हो गई है। जोजिला टनल जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम बहुत तेजी से चल रहा है।

आज लद्दाख में पर्यटन के अवसर भी बढ़ रहे हैं। यहाँ विंटर टूरिज्म और एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा रहा है। केंद्र सरकार वाइब्रेंट विलेज पहल के तहत लद्दाख के 40 से अधिक सीमावर्ती गाँवों का विकास कर रही है। पहले लद्दाख में लगभग 150 होमस्टे थे, जिनकी संख्या आज बढ़कर 3,000 हो गई है। ग्रीनहाउस खेती को भी लगातार बढ़ाया गया है। आज लद्दाख में 11,000 ग्रीनहाउस हैं। इससे किसानों के लिए अपनी आय बढ़ाने के नए अवसर पैदा हुए हैं। इस साल अगस्त में, लद्दाख के लिए हाई कोर्ट बेंच को भी मंजूरी मिल गई है।

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