प्रधानमंत्री मोदी पर मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी से मचा सियासी बवाल, भाजपा ने किया विरोध

केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष हैं, वे एक जिम्मेदार पद पर हैं। लेकिन उन्होंने मर्यादा की सारी सीमाएं लांघ दी हैं। इससे दो ही बातें समझ आती हैं, या तो यह उनकी उम्र का असर है, या फिर वे मानसिक रूप से बीमार हो गए हैं।

प्रधानमंत्री मोदी पर मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी से मचा सियासी बवाल, भाजपा ने किया विरोध

प्रधानमंत्री मोदी के बारे में खरगे की टिप्पणी के बाद एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।

Share:

Highlights

  • ललन सिंह, कपिल मिश्रा और प्रह्लाद जोशी ने खरगे के बयान पर नाराजगी जताई।
  • प्रह्लाद जोशी ने खरगे से बिना शर्त माफी मांगने को कहा है।
  • खरगे के खिलाफ भाजपा ने पटना और भाजयुमो ने जम्मू में विरोध प्रदर्शन किया।

बिहार के पटना में पूर्व मुख्यमंत्री श्री कृष्ण सिन्हा की 139वीं जयंती के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के संबोधन के दौरान हंगामा हो गया। कार्यक्रम में मौजूद एक शख्स ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जाएंगे, इस पर खरगे ने जवाब दिया कि मोदी का बाप भी जाएगा। इसके बाद भारतीय जनता पार्टी-नेशनल डेमोक्रेटिक अलायन्स (BJP-NDA) नेताओं की तरफ से प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया। केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष हैं, वे एक जिम्मेदार पद पर हैं। लेकिन उन्होंने मर्यादा की सारी सीमाएं लांघ दी हैं।

इससे दो ही बातें समझ आती हैं, या तो यह उनकी उम्र का असर है, या फिर वे मानसिक रूप से बीमार हो गए हैं। क्या किसी ने कभी सोचा भी होगा कि कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष देश के प्रधानमंत्री के बारे में ऐसी भाषा का इस्तेमाल करेगा? 1974 के आंदोलन के दौरान, हम इंदिरा गांधी की सरकार के खिलाफ लड़ रहे थे, फिर भी किसी ने कभी उनके लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं किया। देश की जनता वाकई समझदार है कि उसने इन्हें दोबारा मौका नहीं दिया। यह पार्टी लगातार और सिमटती जा रही है। अगर जनता ने गलती से भी इन्हें मौका दे दिया होता, तो राहुल गांधी देश को इंदिरा गांधी के दौर से भी बदतर हालत में छोड़ देते।

दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि, "यह खरगे की बात नहीं है, यह उनकी हताशा है। जिस व्यक्ति का बॉस राहुल गांधी हो, उसका हताश होना तो स्वाभाविक ही है। राजनीति का ध्यान असली मुद्दों पर होना चाहिए। 'राष्ट्र प्रथम', हर राजनेता की यही मुख्य जिम्मेदारी होनी चाहिए। लेकिन, दुर्भाग्य से हमारे देश में विपक्ष राष्ट्र-विरोधी और धर्म-विरोधी राजनीति कर रहा है। जब जनता उन्हें नकार देती है, तो वे इस तरह की अभद्र भाषा का सहारा लेते हैं।"

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि हम सोचते थे कि कांग्रेस पार्टी में राहुल गांधी अपरिपक्व हैं। लेकिन बुरी संगत के कारण, उनकी पार्टी के सभी लोग अपरिपक्व, कुंठित और निराश हो गए हैं। इतने निचले स्तर पर उतरकर, वे भारत की संस्कृति को बर्बाद कर रहे हैं। किसी नेता के दिवंगत माता-पिता का नाम लेना, या ऐसे व्यक्ति का जिक्र करना जो अब सार्वजनिक जीवन में नहीं है, यह राहुल गांधी की संगत का असर और उनकी कुंठा को दर्शाता है। इससे पहले सोनिया जी ने भी ऐसा ही किया था।

ऐसी भाषा का इस्तेमाल करके वे कभी जीत नहीं पाएंगे। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि खरगे इतने निचले स्तर पर उतर आए हैं। उन्हें बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए। खरगे के बयान को लेकर BJP और भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) ने भी विरोध प्रदर्शन किया। BJYM ने जम्मू में विरोध प्रदर्शन किया, जबकि BJP ने पटना में प्रदर्शन किया।

रिलेटेड टॉपिक्स