प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की एशियन गेम्स के पदकवीरों से मुलाकात, कहा खिलाड़ियों ने बढ़ाई तिरंगे की शान

इस साल के एशियन गेम्स में भारत का प्रदर्शन शानदार रहा और भारत लगातार दूसरी बार पदक तालिका में टॉप-5 देशों में रहा। भारत ने कुल 85 मेडल जीते, जिनमें 21 गोल्ड, 27 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। इस तरह भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की एशियन गेम्स के पदकवीरों से मुलाकात, कहा खिलाड़ियों ने बढ़ाई तिरंगे की शान

यह कार्यक्रम मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में आयोजित किया गया था।

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Highlights

  • प्रधानमंत्री मोदी ने सभी खिलाड़ियों से कहा कि उनके बीच रहने से उन्हें भी ऊर्जा मिलती है।
  • प्रधानमंत्री मोदी ने पदक जीतने वाली 38 महिला खिलाड़ियों की विशेष रूप से की सराहना।
  • प्रधानमंत्री मोदी ने बताया की देश में 1,000 से अधिक खेलो इंडिया केंद्र स्थापित किए गए है।

भारत के खेल जगत से बड़ी खबर सामने आई है। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान के आइची-नागोया में आयोजित 20वें एशियन गेम्स में भाग लेने वाले भारतीय दल के साथ बातचीत की। इस दौरान उनके साथ केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया और केंद्रीय राज्य मंत्री रक्षा खड़से भी उपस्थित रहे। इनके अलावा भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की अध्यक्ष पी. टी. उषा, अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के अध्यक्ष जय शाह, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के अध्यक्ष मिथुन मन्हास और भारतीय तीरंदाजी संघ (AAI) के अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

इस साल के एशियन गेम्स में भारत का प्रदर्शन शानदार रहा और भारत लगातार दूसरी बार पदक तालिका में टॉप-5 देशों में रहा। भारत ने कुल 85 मेडल जीते, जिनमें 21 गोल्ड, 27 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। इस तरह भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा। अपने संबोधन में, प्रधानमंत्री मोदी ने सभी खिलाड़ियों से कहा कि आप सब के बीच आना मुझे भी ऊर्जा से भर देता है। इतने सारे पदकवीरों से एक साथ मिलना कोई मामूली बात नहीं है। ये बहुत ही सुखद एहसास है। आप सब युवा एथलीट्स, इस बात का उदाहरण है कि जूनून जब भी जीत में बदलता है, तो कैसे मेडल्स के साथ-साथ चेहरे की चमक भी लेकर आता है।

आपने 140 करोड़ अरब भारतीयों को गर्व करने का एक कारण दिया है। सबसे बड़ी सफलता तिरंगे की शान बढ़ाना है। आपने तिरंगे की शान और मान बढ़ाया है। इसीलिए आपकी सफलता सिर्फ आपकी अपनी नहीं है। यह इस देश के करोड़ों-करोड़ों नागरिकों की सफलता है। मैं आपके कोचों, सपोर्ट स्टाफ और परिवारों को भी हार्दिक बधाई देता हूँ। आज हमारे पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम की जयंती भी है। उनका जीवन और दृष्टिकोण हम सभी के लिए प्रेरणा हैं। मैं उन्हें नमन करता हूँ। क्रिकेट में, हमारी दोनों टीमों ने लगातार दूसरी बार पदक जीते हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने अपना ही रिकॉर्ड दोहराया है। कबड्डी में, हमारी पुरुष और महिला दोनों टीमों ने गोल्ड मेडल जीते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि मैं विशेष रूप से हमारी बेटियों की सराहना करना चाहता हूँ। भारत द्वारा जीते गए 85 मेडल में से 38 मेडल हमारी महिला खिलाड़ियों ने जीते हैं। इनमें 11 गोल्ड मेडल भी शामिल हैं। अब हमें खेलों में और भी ऊंचाइयों तक पहुंचना है। हम अभी जिस स्टेडियम में हैं, उसका नाम मेजर ध्यानचंद के नाम पर रखा गया है। हॉकी के प्रति उनका समर्पण इतना गहरा था कि वे रात के समय भी घंटों तक हॉकी का अभ्यास किया करते थे। पिछले 12 वर्षों में, भारत ने अपने खिलाड़ियों और खेल इकोसिस्टम को विकसित करने के लिए बहुत धैर्य और लगन के साथ काम किया है। आप देख सकते हैं कि एक समय ऐसा था जब भारत बड़े टूर्नामेंटों में केवल कुछ ही पदक जीत पाता था। कई खेलों के बारे में तो यह भी पता नहीं था कि वे देश में खेले जाते हैं।

देश में यह बदलाव कैसे आया? यह बदलाव उसी जज्बे की बदौलत आया है, जिसने आपको सफलता हासिल करने में मदद की है। पिछले 10-12 वर्षों में, देश ने पूरी लगन और प्रतिबद्धता के साथ लगातार प्रयास किए हैं। इसने एक दूरगामी सोच के साथ काम किया है और खेलों के लिए एक पारदर्शी तथा आधुनिक इकोसिस्टम तैयार किया है। आज, पूरे देश में 1,000 से अधिक 'खेलो इंडिया' केंद्र स्थापित किए गए हैं। खेलों के लिए स्टेडियम, मिनी-स्टेडियम और बहुउद्देशीय हॉल तैयार किए गए हैं। छोटे-बड़े शहरों और कस्बों में एथलेटिक्स ट्रैक, फुटबॉल मैदान, हॉकी मैदान और स्विमिंग पूल जैसी हजारों खेल सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।​ आज हर खिलाड़ी को यह भरोसा है कि उनके पूरे सफर में देश उनके साथ खड़ा है। जब किसी खिलाड़ी के मन में यह भावना होती है, तो वह देश के लिए क्या कुछ हासिल कर सकता है, आप सभी इसके बेहतरीन उदाहरण हैं।

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